'दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार बनाया जा रहा', पीएम मोदी का ट्रंप पर निशाना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में भारत-EU बिजनेस फोरम को संबोधित किया. उन्होंने भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे श्रम-प्रधान उद्योगों, कृषि, मत्स्य और सेवा क्षेत्र को बड़ा लाभ होगा.

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पीएम मोदी ने भारत-EU बिजनेस फोरम में कहा कि दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. (Photo: PTI) पीएम मोदी ने भारत-EU बिजनेस फोरम में कहा कि दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ऐतिहासिक ट्रेड डील के बाद भारत मंडपम में भारत-EU बिजनेस फोरम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने ऐसे समय में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुई ट्रेड डील को नए युग का शंखनाद बताया. बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से ग्लोबल ट्रेड उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. ट्रंप बार बार ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं, जिसके पीछे का मकसद वहां मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स का दोहन करना है. 

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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-EU बिजनेस फोरम में कहा, 'यूरोपीय संघ (EU) में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है. आज भारत और यूरोपीय कंपनियों के बीच अनुसंधान एवं विकास (R&D), विनिर्माण (Manufacturing) और सेवाओं (Services) सहित हर क्षेत्र में गहरा सहयोग है, और आप जैसे कारोबारी नेता इस सहयोग के प्रेरक भी हैं और इसके लाभार्थी भी. अब समय आ गया है कि इस साझेदारी को समूचे समाज की साझेदारी में बदला जाए. इसी दृष्टि के साथ आज हमने एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया है.'

उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के श्रम-प्रधान उत्पादों को यूरोपीय संघ के बाजार में आसान पहुंच प्रदान करेगा. इसमें वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग उत्पाद शामिल हैं. फल, सब्जियां, प्रोसेस्ड फूड आइटम्स और समुद्री उत्पादों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे, जिससे हमारे किसानों और मछुआरों को सीधे लाभ होगा. सेवा क्षेत्र को भी इससे फायदा मिलेगा, खासकर आईटी, एजुकेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन और बिजनेस सर्विस सेक्टर को. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज वैश्विक कारोबार में बड़े बदलाव हो रहे हैं और हर कंपनी अपनी बाजार रणनीति और साझेदारियों पर पुनर्विचार कर रही है.

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उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कारोबारी जगत के लिए एक स्पष्ट और सकारात्मक संदेश है. यह दोनों पक्षों के व्यवसायिक समुदायों के लिए एक सक्षम, भरोसेमंद और भविष्य-उन्मुख साझेदारी बनाने का खुला निमंत्रण है. पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत और यूरोपियन यूनियन के रिश्तों में एक नए युग का शंखनाद है. भारत और यूरोपीय यूनियन विश्व की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से एक को स्थापित कर रहे हैं और इसके नतीजे भी हमें साफ दिख रहे हैं. पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है. भारत में 6 हजार से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं और यूरोपीय यूनियन में 1500 भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर सोलर एनर्जी... हर क्षेत्र में हमें जॉइंट रिसर्च एंड इनवेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए. इसके साथ-साथ जल संसाधन, सर्कुलर इकॉनमी और कृषि हर क्षेत्र में मिलकर सॉल्यूशन डेवलप करना चाहिए. मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का पूरा लाभ उठाएंगे. आज, व्यापार, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों का विश्व भर में हथियारों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. क्या हमारे व्यापारिक समुदाय मिलकर इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी और चिप्स जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता को कम कर सकते हैं? क्या हम मिलकर एक विश्वसनीय और भरोसेमंद वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण कर सकते हैं?'

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