साइकिल से कोर्ट पहुंचे जज, बैटरी रिक्शा में बैठे मंत्री... PM मोदी की अपील का असर

पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर दिखना शुरू हो चुका है. हाई कोर्ट के जज साइकिल से कोर्ट पहुंचे, तो कहीं किसी अधिकारी ने ई-रिक्शा से सफर किया.

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देश में दिखा मोदी की अपील का असर (Photo: ITG) देश में दिखा मोदी की अपील का असर (Photo: ITG)

रवीश पाल सिंह / धीरज शाह / हिमांशु मिश्रा

  • भोपाल, जबलपुर, नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:29 PM IST

पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का देशव्यापी असर दिखने लगा है. मध्य प्रदेश में हाई कोर्ट के जज साइकिल से कोर्ट पहुचे, तो वहीं लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष ने ई-रिक्शा का सहारा लिया. केंद्र में जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सुरक्षा काफिला छोड़ने का फैसला लेकर एक नई मिसाल पेश की है.

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जबलपुर में प्रधानमंत्री की अपील का एक उदाहरण देखने को मिला, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डी.डी. बंसल खुद साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे. जस्टिस बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से 3 किलोमीटर तक भीड़भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल चलाते नजर आए. उनके साथ कोर्ट के कर्मचारी भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर चले.

जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं चला जा सकता. उन्होंने चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए आम नागरिकों से भी तेल की बचत करने की अपील की.

साइकिल से कोर्ट पहुंचे जस्टिस बंसल

जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डी.डी. बंसल खुद साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे. जस्टिस बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से 3 किलोमीटर तक भीड़भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल चलाते नजर आए. उनके साथ कोर्ट के कर्मचारी भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर चले. जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं चला जा सकता. उन्होंने चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के आह्वान का हवाला देते हुए आम नागरिकों से भी तेल की बचत करने की अपील की.

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ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे सत्येंद्र भूषण

भोपाल में नवनियुक्त लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण ने भी ई-रिक्शा को अपनाकर एक मैसेज दिया है. ईरान-इजरायल जंग की वजह से ग्लोबल क्राइसिस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए प्रधानमंत्री ने ईंधन के कम उपयोग की बात कही थी. इसी के चलते सत्येंद्र भूषण आज बीजेपी कार्यालय और उसके बाद लघु उद्योग दफ्तर ई-रिक्शा से पहुंचे. उन्होंने ई-रिक्शा से ही जाकर अपना पदभार ग्रहण किया. 

केंद्रीय मंत्री ने छोड़ा पायलट-एस्कॉर्ट काफिला

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अपने आधिकारिक दौरों में पायलट और एस्कॉर्ट गाड़ियां लेने से इनकार कर दिया है. उत्तराखंड के रुड़की दौरे के वक्त उन्होंने राज्य सरकार से गुजारिश की है कि उन्हें प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुरक्षा गाड़ियां न दी जाएं. आमतौर पर केंद्रीय मंत्रियों के काफिले में राज्य पुलिस की गाड़ियां आगे-पीछे चलती हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है. पाटिल, जो दिल्ली में पहले ही बिना काफिले के चलते हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री की सात अपीलों में से एक 'कार पूल' और संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.

इसके अलावा अगर केंद्रीय मंत्री को स्पेशल सिक्योरिटी कैटेगरी जैसे Y, Z या Z+ मिली हो तो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती है. जिस जिले में मंत्री का दौरा होता है, वहां के एसपी और डीएम सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होते हैं. सूत्रों के मुताबिक, पाटिल ने फैसला किया है कि वे अपने आधिकारिक दौरे में पायलट और एस्कॉर्ट वाहन नहीं लेंगे.

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