केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा पैन इंडिया (Pan India) ऑपरेशन शुरू किया है. इस ऑपरेशन के तहत बीते 24 घंटे में अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने अपने-अपने राज्यों में बड़े स्तर पर छापेमारी की है. जांच में एजेंसियों को 500 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले थे, जिनके आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. अब तक सैकड़ों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा है. ये आतंकी सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौजवानों को लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता है और उनका ब्रेन वॉश कर आतंकी वारदातों के लिए तैयार करता है. बीते 24 घंटों से दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा पुलिस की टीमों ने सैंकड़ों लोगों को राउड अप किया है.
सोशल मीडिया बना भर्ती का नया हथियार
सूत्रों के अनुसार, शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सैकड़ों युवाओं का एक खतरनाक नेटवर्क खड़ा किया है. वह खास तौर पर उन युवाओं को निशाना बनाता है जो आसानी से उसके झांसे में आ सकें. इन युवाओं का मानसिक रूप से ब्रेनवॉश किया जाता है और उन्हें देश के खिलाफ आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए उकसाया जाता है. एजेंसियों के पास ऐसे कई सबूत हैं जो सीधे तौर पर भट्टी के सोशल मीडिया कैंपेन की ओर इशारा करते हैं.
ISI का रिक्रूटमेंट मॉडल
जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के गुर्गे आबिद जट्ट और अजमल गुजर इस नेटवर्क की मुख्य धुरी हैं. ये हैंडलर्स सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं को की भर्ती करते थे. एक बार जब कोई युवा इनके संपर्क में आता है तो उसकी सीधी बातचीत शहजाद भट्टी से करवाई जाती है. भट्टी इन लड़कों को पैसों का लालच देकर अलग-अलग आतंकी टास्क सौंपता है, जिसमें रेकी करना या हथियारों की तस्करी शामिल है. इस तरह ISI भारत में अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है.
एजेंसियों द्वारा राउंड अप किए गए सैकड़ों लोगों से अब भट्टी के पूरे मॉड्यूल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क के पास फंडिंग कहां से आ रही है और इनके अगले निशाने क्या थे. ये ऑपरेशन आने वाले दिनों में और भी तेज हो सकता है, क्योंकि एजेंसियों को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं जो किसी बड़ी साजिश को नाकाम करने में मदद कर सकते हैं.
अरविंद ओझा