'आतंक को पनाह देने वाले देशों की फंडिंग पर लगे रोक', ADB अध्यक्ष से मुलाकात में निर्मला सीतारमण ने रखी मांग

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिलान में एशियन डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष और इटली के वित्त मंत्री से मुलाकात की, जिसमें आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को आर्थिक सहायता पर पुनर्विचार की बात कही. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे देशों को वित्तीय निगरानी की ग्रे लिस्ट में डालने के लिए जोर दिया है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिलान में एशियन डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष से मुलाकात की (फोटो क्रेडिट -पीटीआई) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिलान में एशियन डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष से मुलाकात की (फोटो क्रेडिट -पीटीआई)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2025,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इटली के मिलान में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासातो कांडा से मुलाकात की. इस मुलाकात का उद्देश्य आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया पर फिर से विचर करने की पहल करना था.

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वित्त मंत्री ने इटली के वित्त मंत्री जियानकार्लो जियोर्जेट्टी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की. भारत ने जोर दिया कि ऐसे देशों को आर्थिक मदद नहीं दी जानी चाहिए, जो आतंकवाद को संरक्षण या बढ़ावा देते हैं. भारत इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी बात रख रहा है ताकि इन देशों को फाइनेंशियल मॉनिटरिंग की ग्रे लिस्ट में डालने के प्रोसेस पर बातचीत हो सके.

इसके अलावा, वित्त मंत्रालय ने मासातो कांडा से मुलाकात की डिटेल्स सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया. बातचीत में इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड, कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, जीएसटी, और स्टार्टअप योजनाओं जैसे विषयों पर भी विचार विमर्श हुआ. निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर ADB को भारत में नई फाइनेंसिंग तकनीक और मॉडल्स को परखने का आमंत्रण दिया.

यह भी पढ़ें: टैरिफ वॉर के बीच निर्मला सीतारमण 6 दिन के यूरोप दौरे पर लंदन में, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत आगे बढ़ाएंगी

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क्या है पहलगाम मामले में ताजा अपडेट?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की सेना को खुली छूट दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीनों सेना प्रमुखों से अलग-अलग मुलाकात की, जो आक्रामक कार्रवाई के संकेत दे रही हैं. वहीं, सीमा पर सैन्य तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी है.

इस्लामिक देश भारत के करीब दिखते हैं, लेकिन तुर्की पाकिस्तान की मदद कर सकता है, जिसका एक नेवल शिप कराची पोर्ट पहुंचा है. कहा जा रहा है कि तुर्की गोला-बारूद की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान को हथियार सप्लाई कर रहा है.

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