भारत के साथ 25 साल के बिजली समझौते की तैयारी कर रहा नेपाल, इसी महीने भारत आ सकते हैं PM प्रचंड

नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड इसी महीने भारत के दौरे पर आ सकते हैं. इस बीच अखबार 'काठमांडू पोस्ट' ने बताया कि नेपाल, भारत के साथ 25 साल के लिए बिजली समझौते को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है.

Advertisement
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड (फाइल फोटो) नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड की दिल्ली की संभावित यात्रा के दौरान बिजली बेचने के लिए भारत के साथ 25 साल का समझौता हो सकता है. हालांकि प्रचंड की भारत यात्रा की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है. 'काठमांडू पोस्ट' ने नेपाली अधिकारियों के हवाले से रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री के अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद प्रचंड दिल्ली दौरे पर आ सकते हैं. 

Advertisement

नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी ने बताया कि हम भारत के लिए 25 साल के समझौते को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, लेकिन इस प्रस्ताव पर भारत सहमत है या नहीं, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर होगा. मंत्रालय के सचिव दिनेश घिमिरे ने बताया कि इसको लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन इसे अभी तक नेपाल के विदेश मंत्रालय को प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले एक एजेंडा बनाने के लिए नहीं भेजा गया है.  

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के समझौते पर तभी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं जब प्रचंड के नई दिल्ली पहुंचने से पहले भारतीय पक्ष नौकरशाही स्तर पर अपनी सहमति दे. फरवरी के आखिरी में भारत में ऊर्जा सहयोग पर संयुक्त संचालन समिति (JSC) की 10वीं सचिव स्तर की बैठक के दौरान नेपाल ने इस तरह के सौदे का प्रस्ताव रखा था. 

Advertisement

माउंट आबू में हुई थी JSC की बैठक

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) में बिजली व्यापार निदेशक प्रबल अधिकारी ने कहा, "बैठक के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि नेपाल एक प्रस्ताव पेश करेगा, जिसकी भारत जांच करेगा." फरवरी में राजस्थान के माउंट आबू में JSC की बैठक में, नेपाल और भारत ने ढालकेबार-मुजफ्फरपुर ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से बिजली आयात और निर्यात क्षमता को 600 मेगावाट से बढ़ाकर 800 मेगावाट करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. 

टनकपुर-महेंद्रनगर से 70 से 80 मेगावॉट बिजली के आयात-निर्यात के लिए 132 केवी बिजली पारेषण का समझौता भी दोनों देशों के बीच हुआ. इसके साथ ही बारिश में नेपाल से बिहार को बिजली देने के लिए आवश्यक तंत्र स्थापित करने के लिए भी सहमत हुए.  

452 मेगावाट बिजली बेचने की अनुमति

फिलहाल नेपाल को भारतीय बिजली बाजारों में 10 जलविद्युत परियोजनाओं द्वारा उत्पादित 452.6 मेगावाट बिजली बेचने की अनुमति है. बिजली निर्यात करने के लिए नेपाल भारतीय अधिकारियों से अधिक परियोजनाओं के अप्रूवल की प्रतीक्षा कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में, भारत उन परियोजनाओं से बिजली खरीदने से इनकार कर रहा है जिनमें चीनी निवेशक या ठेकेदार शामिल हैं. नेपाल गर्मी के मौसम में अधिशेष ऊर्जा पैदा करता है, जबकि सर्दियों में उसे भारत से बिजली खरीदनी पड़ती है.  

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »