NEET पेपर लीक केस: कोर्ट ने मुख्य आरोपियों को 10 दिन की CBI हिरासत में भेजा

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की अदालत ने कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को भी गिरफ्तार किया गया है.

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दिल्ली की अदालत ने नीट पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपियों पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमरे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा. (Photo: PTI) दिल्ली की अदालत ने नीट पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपियों पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमरे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:49 PM IST

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया. जज अजय गुप्ता ने दोनों आरोपियों को सीबीआई हिरासत में भेजते हुए कहा कि मामले की गहन जांच के लिए उन्हें दिल्ली से बाहर ले जाकर पूछताछ करना जरूरी है. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस मामले में बड़े षड्यंत्र की जांच अभी बाकी है.

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सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीतू गुप्ता पेश हुईं और दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड की मांग की. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि पीवी कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के साथ बतौर सब्जेक्ट एक्सपर्ट जुड़े थे और नीट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थे. एजेंसी के मुताबिक, सह-आरोपी धनंजय लोखंडे ने मनीषा वाघमारे से नीट के पेपर में पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट हासिल की थी.

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया. सीबीआई के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं और एनटीए के साथ बतौर सब्जेक्ट एक्सपर्ट जुड़े थे, जिसके चलते उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली हुई थी. जांच एजेंसी ने पहले दावा किया था कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया और पुणे स्थित अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाई.

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सीबीआई का आरोप है कि इन विशेष क्लासों के दौरान कुलकर्णी ने सवाल, उनके विकल्प और सही उत्तर छात्रों को डिक्टेट किए. छात्रों ने इन्हें अपनी नोटबुक में लिखा और बाद में ये सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते पाए गए. इससे पहले शुक्रवार को अदालत ने आरोपी धनंजय लोखंडे को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था. वहीं गुरुवार को नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तथा गुरुग्राम के यश यादव को 20 मई तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया था.

इसी मामले में सीबीआई ने शनिवार को पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को गिरफ्तार किया. उन्हें भी नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर लीक का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. मनीष मंडारे भी बतौर सब्जेक्ट एक्सपर्ट एनटीए से जुड़ी थीं और इस कारण उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने भी पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर जुटाया और एक स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. 

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इस क्लास में उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया. सीबीआई का दावा है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. बता दें कि मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की व्यापक जांच सीबीआई को सौंप दी थी. 

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