'मैसूर दशहरा उत्सव केवल हिंदुओं का नहीं...', बानू मुश्ताक विवाद पर क्या बोले CM सिद्धारमैया

कर्नाटक सरकार ने मैसूर दशहरा उत्सव का उद्घाटन करने के लिए बतौर मुख्य अतिथि बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को आमंत्रित किया है. बीजेपी ने इसे लेकर सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. पूरे मामले पर सीएम सिद्धारमैया का बयान आया है.

Advertisement
कन्नड लेखिका बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विवाद (Photo: PTI) कन्नड लेखिका बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विवाद (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:33 PM IST

कर्नाटक सरकार ने बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक को मैसूर में दशहरा उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है. बानू मुश्ताक मैसूर दशहरा उत्सव का उद्घाटन करेंगी. कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे लेकर कर्नाटक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. इस पूरे मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भी बयान आया है.

Advertisement

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि यह त्योहार हर समुदाय के लोग 'नाडा हब्बा' (राज्योत्सव) के रूप में मनाते हैं. बीजेपी पर मैसूर दशहरा के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बानू मुश्ताक कन्नड़ लेखिका हैं.  उनको अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता के तौर पर उनकी उपलब्धि के सम्मान में इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया गया है.

सीएम ने कहा कि मैसूर दशहरा का उद्घाटन करने के लिए बानू मुश्ताक को आमंत्रित करने का विरोध केवल कुछ लोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों के साथ सभी हिंदू नहीं हैं. बीजेपी पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि वे दशहरा में राजनीति करेंगे, और अपने घर में भी. सीएम ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या उन्हें झूठ बोलने के अलावा कुछ आता है?

Advertisement

यह भी पढ़ें: सियासत में फंसा मैसूर दशहरा! लेखिका बानू मुश्ताक को न्योते पर भड़की बीजेपी बोली- क्या उन्हें देवी चामुंडेश्वरी में विश्वास है

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा था कि चामुंडी पहाड़ी और वहां की देवी केवल हिंदुओं की नहीं हैं. इस बयान को लेकर सवाल पर सीएम ने कहा कि यह नहीं कहूंगा, लेकिन यह दशहरा उत्सव केवल हिंदुओं का नहीं है. हम मैसूर दशहरा मना रहे हैं, जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन, सभी शामिल होते हैं. यह चामुंडी हिल का विषय नहीं है.

यह भी पढ़ें: महल से जंगल सफारी तक...मैसूर में मिलेगा शाही अंदाज और जंगल का रोमांच

गौरतलब है कि मैसूर दशहरा का उद्घाटन चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी मंदिर में देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प वर्षा के साथ होता है. विपक्षी बीजेपी इस आयोजन के लिए बानू मुश्ताक के पुराने बयान का जिक्र कर उन्हें मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध कर रही है. बीजेपी नेताओं की डिमांड है कि बानू मुश्ताक देवी चामुंडेशवरी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करें. बानू मुश्ताक ने इस पूरे विवाद पर कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, भाषण के कुछ चुनिंदा अंश ही वायरल किए जा रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »