विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर भारत का रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि भारत पहले भी यह साफ कर चुका है और दोहराता है कि तेल की खरीद केवल उस स्थिति में की जाएगी जब इसकी सप्लाई और प्रॉफिट सुनिश्चित हो. इसका मतलब यह है कि भारत स्ट्रैटेजिक और इकोनॉमिक इंटरेस्ट को ध्यान में रखते हुए अपने एनर्जी जरूरतों का मैनेजमेंट करता है.
इसी बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर भी हालिया संयुक्त बयान पर बात की. उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका दोनों मिलकर एक ऐसा ट्रेड एग्रीमेंट बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो दोनों देशों के लिए फायदा होगा. इसके तहत अगले सप्ताह भारत के नेगोशिएटर अमेरिका जाकर आगे की बातचीत करेंगे. यह कदम बाइलैटरल रिलेशन्स को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
फिलिस्तीन मुद्दे पर भी भारत की स्थिति साफ की गई. प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि हाल में जारी इंडिया-अरब लीग मंत्रीस्तरीय के ज्वाइंट स्टेटमेंट में दोनों पक्ष मिडिल-ईस्ट में न्यायोचित, व्यापक और लंबे तक शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के प्रोपोज़ल्स और अरब पीस इनिशिएटिव के अनुसार कमिटेड है.
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इस बयान में 1967 की सीमाओं के आधार पर एक इंडिपेंडेंट और संप्रभु फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का समर्थन किया गया है, जो इजरायल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रख सके.
प्रवक्ता ने ये भी बताया कि भारत ने वाशिंगटन डीसी में हुए बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा पीस प्लान पहल और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत चल रहे प्रयासों का समर्थन करता है. भारत इस मुद्दे पर संतुलित और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
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