केरलम में UDF की बड़ी जीत के बाद कांग्रेस में पोस्टर वॉर तेज, CM चेहरे पर सस्पेंस बरकरार

केरलम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने बड़ी जीत दर्ज की है और 140 में से 102 सीटें हासिल कर सत्ता में वापसी की है. हालांकि इस जीत के बाद अब पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है.

Advertisement
कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है (Photo: ITG) कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है (Photo: ITG)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम, केरलम,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:02 AM IST

केरलम में UDF यानी कांग्रेस गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की. 10 साल बाद कांग्रेस केरलम में वापस सत्ता में आई. लेकिन जीत की खुशी मनाने से पहले ही पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए जंग शुरू हो गई. पोस्टर लग रहे हैं, पोस्टर काले किए जा रहे हैं और तीन बड़े नेता आमने-सामने हैं.

Advertisement

जीत तय हो गई, सरकार बनना तय है और मुख्यमंत्री कांग्रेस का ही होगा. लेकिन कौन सा कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनेगा, इसी सवाल ने पार्टी के अंदर बड़ी खींचतान शुरू कर दी है. 

तीन बड़े नेता इस कुर्सी के लिए दावेदार हैं और उनके समर्थकों के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गया है. यह कोई नई बात नहीं है. कांग्रेस के साथ यही कर्नाटक में हुआ था, राजस्थान में भी हुआ था. लेकिन केरलम में यह लड़ाई इसलिए और मुश्किल है क्योंकि यहां दो नहीं बल्कि तीन मजबूत दावेदार हैं.

पहले दावेदार: वीडी सतीशन

वीडी सतीशन इस वक्त सबसे आगे माने जा रहे हैं. उन्होंने पूरे चुनाव में पार्टी का नेतृत्व किया और 102 सीटें दिलाईं. यह जीत उनके नाम पर है. पार्टी के कार्यकर्ता और जमीनी स्तर के लोग उनके समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके हक में आवाजें सबसे ज्यादा हैं. 102 सीटों की जीत के दम पर वो दिल्ली में हाई कमान के सामने अपना दावा मज़बूती से रख सकते हैं.

Advertisement

दूसरे दावेदार: केसी वेणुगोपाल

केसी वेणुगोपाल पार्टी के संगठन में बहुत मजबूत पकड़ रखते हैं. वो दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच अच्छी पहुंच रखते हैं. वो विधायकों का समर्थन जुटाने में लगे हैं. लेकिन इसी बीच उनके साथ एक बड़ी घटना हुई. कोट्टायम में उनका एक पोस्टर लगाया गया था जिस पर लिखा था कि जीत बनाने वाले केसी वेणुगोपाल को बधाई. किसी ने आकर उस पोस्टर पर काला रंग पोत दिया. इसके अलावा तिरुवनंतपुरम के DCC दफ्तर के बाहर भी उनके पोस्टर लगाए गए. यह सब दिखाता है कि उनके लिए लॉबिंग चल रही है लेकिन साथ ही विरोध भी है.

यह भी पढ़ें: केरलम में CM की कुर्सी के लिए कांग्रेस में 'महाभारत'... वेणुगोपाल, सतीशन या चेन्निथला, किसके सिर सजेगी ताज?

तीसरे दावेदार: रमेश चेन्निथला

रमेश चेन्निथला तीनों में सबसे अनुभवी नेता हैं. पार्टी के सभी गुटों में उनकी अच्छी पकड़ है. धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं. उनकी उम्र और लंबा अनुभव उनके पक्ष में है. उनके समर्थक उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं जो पार्टी को एकजुट रख सकते हैं और सबको साथ लेकर चल सकते हैं.

IUML का रोल क्या है?

IUML यानी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग UDF गठबंधन में कांग्रेस की सबसे बड़ी और अहम साथी पार्टी है. उनका समर्थन जिसे भी मिला, उसकी राह आसान हो जाएगी. IUML ने कहा है कि वो पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हैं लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाई कमान पर छोड़ते हैं.

Advertisement

फैसला कब और कैसे होगा?

कांग्रेस ने कहा है कि एक हफ्ते के अंदर मुख्यमंत्री का नाम घोषित कर दिया जाएगा. इसके लिए पार्टी पर्यवेक्षक भेजेगी जो विधायकों की राय लेंगे और उसके आधार पर हाई कमान फैसला करेगी. यह एक हफ्ता बहुत दिलचस्प रहने वाला है. लॉबिंग और बढ़ेगी, पोस्टर वॉर और तेज़ हो सकता है और नए मोड़ आ सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement