कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने दोपहर बाद 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. इससे पहले सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया था. सिद्धारमैया ने इस मीटिंग में अपने कैबिनेट सहयोगियों को धन्यवाद दिया और तीन साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी सामने रखा. सीएम सिद्धारमैया ने इसी मीटिंग में इस बात का ऐलान भी कर दिया था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं.
पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि उन्होंने राज्यसभा जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा, “मैं कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहूंगा. राष्ट्रीय राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है.” कांग्रेस के भीतर किसी तरह के मतभेद या कड़वाहट की अटकलों को खारिज करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस एक परिवार की तरह एकजुट रहेगी. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा मानता रहा हूं कि हमें एक परिवार की तरह साथ रहना चाहिए. अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की कोशिश की.” सिद्धारमैया के इन बयानों को सत्ता परिवर्तन के बीच पार्टी में एकता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
इस्तीफा देने के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि वह नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बना रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.
उन्होंने कहा, “जब हाईकमान मुझसे इस्तीफा मांगता है, तो मैं इस्तीफा दे देता हूं. दो दिन पहले हाईकमान ने मुझसे पद छोड़ने को कहा था, इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया.”
साल 2006 में कांग्रेस में शामिल हुए सिद्धारमैया ने यह भी साफ कर दिया कि वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय बने रहेंगे और राज्यसभा जाने के पक्ष में नहीं हैं.
कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही कई दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया. कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पद छोड़कर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता बनाने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया.
हालांकि, विदाई के दौरान सिद्धारमैया ने अपने तेवर बरकरार रखे. उन्होंने साफ कहा कि वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे. साथ ही उन्होंने कांग्रेस हाईकमान की ओर से दिए गए राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया.
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है. ऐसे में उनके इस्तीफे को कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संतुलन के बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
सिद्धारमैया ने कहा, “मुझे विश्वास है कि राज्यपाल वापस लौटने के बाद मेरे इस्तीफे को स्वीकार करेंगे. कानून के मुताबिक मुख्यमंत्री के इस्तीफे को राज्यपाल को स्वीकार करना होता है और नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाना उनकी जिम्मेदारी है.” सरकार के बहुमत पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी के पास 136 विधायक हैं और 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हमें प्राप्त है. हमारे पास पूर्ण बहुमत है.”
सिद्धारमैया ने कहा, “मैं आप सभी से पहले भी कई बार कह चुका हूं कि जब पार्टी हाईकमान मुझसे इस्तीफा मांगेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा. दो दिन पहले हाईकमान ने मुझसे पद छोड़ने को कहा था. मैंने उनसे कहा था कि मैं आज इस्तीफा दे दूंगा. इसी वजह से मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है.”
कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा “मैंने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. राज्यपाल फिलहाल यहां मौजूद नहीं हैं. मुझे बताया गया है कि वे आज रात वापस लौटेंगे.” उन्होंने कहा कि इस्तीफे का पत्र राज्यपाल के सचिव को सौंप दिया गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि सिद्धारमैया साढ़े सात, करीब आठ साल पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं. सरकार के पहले दिन से ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में कार्यकाल साझा करने की तारीख तय थी. डीके शिवकुमार शुरू से ही यह स्पष्ट कर रहे थे कि सरकार के कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा होने के बाद वह मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे. उन्होंने कहा कि शिवकुमार हर दिन और हर मौके पर सिद्धारमैया को किनारे लगाने की कोशिश कर रहे थे. सिद्धारमैया को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार चलाने का मौका कभी मिला ही नहीं. वित्तीय कुप्रबंधन और मतभेदों के कारण शासन शून्य रहा, प्रशासन पूरी तरह विफल रहा. विकास कहीं दिखाई नहीं दिया. सरकार का कर्ज चार गुना बढ़ गया है. कांग्रेस के कुशासन, शिवकुमार और सिद्धारमैया की लड़ाई से कर्नाटक लगभग 20 साल पीछे चला गया है.
सिद्धारमैया ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग में अगले मुख्यमंत्री के लिए डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव भी कर दिया है. हालांकि, शिवकुमार के नाम पर विधायक दल की मोहर लगनी अभी बाकी है. विधायक दल की बैठक कल यानी 29 मई की शाम 5 बजे बेंगलुरु के एक होटल में बुलाई गई है. इससे पहले, सीएम सिद्धारमैया इस्तीफा देने के बाद आज दिल्ली जाएंगे. ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान सिद्धारमैया भावुक नजर आए. कुछ मंत्री भी सीएम को भावुक देख भावुक हो गए. इस बैठक के बाद डीके शिवकुमार अपने आवास पहुंच गए हैं.
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की घड़ी अब आ गई है. सिद्धारमैया दोपहर ढाई बजे लोकभवन पहुंचेंगे और राज्यपाल के प्राइवेट सेक्रेटरी को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप देंगे. सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया शाम तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार भी मौजूद रह सकते हैं.
कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार की विदाई का वक्त तय हो गया है. सिद्धारमैया शाम तीन बजे लोकभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. सिद्धारमैया ने इस्तीफे से पहले अगले मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा है. डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है. सीएम सिद्धारमैया ने सभी मंत्रियों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया और सूबे की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चर्चा की. सीएम ने सहयोगियों को बताया कि पिछले तीन वर्षों में उनकी अगुवाई वाली सरकार ने क्या-क्या किया, कांग्रेस की चुनावी गारंटियां पूरी करने के लिए योजनाएं किस तरह से लागू कीं और सामने आई चुनौतियों से किस तरह पार पाया.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शाम तीन बजे लोकभवन जाएंगे. सीएम सिद्धारमैया लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. राज्यपाल बेंगलुरु में नहीं हैं, ऐसे में वह अपना इस्तीफा राजभवन सचिवालय को सौंपेंगे. गौरतलब है कि राज्यपाल रात के 10.30 बजे निकल गए थे.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पद से इस्तीफा देने वाले हैं और राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर हैं. ऐसे में प्रक्रिया और संविधान के प्रावधान क्या कहते हैं? सिद्धारमैया के सामने क्या-क्या विकल्प हैं?
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कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. सिद्धारमैया ने यह ऐलान मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में किया. सिद्धारमैया ने भावुक माहौल में यह ऐलान किया. इससे पहले, सीएम सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया था. इस मीटिंग की शुरुआत 9 बजे से होनी थी, लेकिन यह मीटिंग एक घंटे देरी से शुरू हुई. सीएम सिद्धारमैया खुद एक घंटे की देरी से अपने आवास में उस जगह पहुंचे, जहां मंत्रियों के लिए ब्रेकफास्ट की टेबल सजी थी.
डीके शिवकुमार बेंगलुरु पहुंच गए हैं. कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता के नेतृत्व परिवर्तन की हलचल है. सीएम सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया है. डीके शिवकुमार भी बेंगलुरु पहुंच गए हैं. डीके शिवकुमार के एयरपोर्ट से सीधे सीएम हाउस जाने की चर्चा थी. शिवकुमार और सिद्धारमैया ने एक-दूसरे को गले लगाकर एकजुटता का संदेश दिया. शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिए.
सीएम सिद्धारमैया के घर ब्रेकफास्ट मेन्यू में इडली और वड़ा के साथ ही मसाला डोसा भी है. मंत्रियों के लिए पोंगल, उप्पित, केसरीबाथ, सागू, सांभर और चटनी भी हैं.
कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बदलाव की स्क्रिप्ट तैयार है. मुख्यमंत्री निवास कावेरी में मंत्रियों की जुटान शुरू हो गई है. संतोष लाड, बी सुरेश, एमबी पाटिल, रामालिंगा रेड्डी सीएम हाउस पहुंच गए हैं.
मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर बनी अगर-मगर की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री के दफ्तर ने इसकी पुष्टि कर दी है. कर्नाटक मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि सिद्धारमैया आज सीएम पद से इस्तीफा देंगे. सीएमओ की ओर से यह बयान तब आया है, जब राज्यपाल के बेंगलुरु से आज सुबह-सुबह ही रवाना होने की बात सामने आई. सीएमओ ने इसी पर यह स्पष्ट किया है कि राज्यपाल के गैरमौजूद रहने पर भी उनके दफ्तर को इस्तीफा सौंपा जाएगा.
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में तेजी से घटते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राज्य से बाहर हैं. बताया जा रहा है कि परिवार में किसी इमरजेंसी के कारण वह अपने गृह नगर गए हुए हैं. राज्यपाल के बेंगलुरु से बाहर होने की वजह से अब सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है. इस बीच् कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि हम राज्यपाल के कार्यालय को इस्तीफा सौंप देंगे अगर राज्यपाल उपलब्ध नहीं रहे.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है. यह मीटिंग कर्नाटक के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास कावेरी में बुलाई गई है. इस मीटिंग में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और सभी विधायक भी शामिल होंगे. ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए राजभवन जा सकते हैं. सिद्धारमैया के साथ डिप्टी सीएम शिवकुमार भी राजभवन जा सकते हैं.
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की रार पुरानी है. सिद्धारमैया की अगुवाई में सरकार गठन के साथ ही ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा रही है. हालांकि, कांग्रेस पार्टी और सिद्धारमैया ऐसे किसी फॉर्मूले से इनकार करते रहे. समय समय पर बेंगलुरु से दिल्ली तक सत्ता के नेतृत्व परिवर्तन की मांग भी उठती रही है. अब वह घड़ी करीब आ गई है. सिद्धारमैया आज मुख्यमंत्री का पद छोड़ सकते हैं.