देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे बदलने वाला है. मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के मुताबिक अगले हफ्ते उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. अच्छी बात यह है कि इस दौरान भीषण गर्मी या हीटवेव जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है और यह 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है. इसी तरह पूर्वी भारत में भी तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है, जबकि मध्य भारत में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में इजाफा देखने को मिल सकता है. इस बढ़ोतरी के चलते कई इलाकों में दिन के समय गर्मी का असर बढ़ेगा, लेकिन अभी हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं जताई गई है.
मौसम को प्रभावित करने वाले सिस्टम की बात करें तो मध्य स्तर पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है, जो मौसम में हल्का उतार-चढ़ाव बनाए रखेगा. इसके अलावा पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी वायुमंडल में एक और सिस्टम सक्रिय है. ओडिशा से लेकर मन्नार की खाड़ी तक हवा के दबाव में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बादल और हल्की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दक्षिण भारत के तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है.
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा अस्थिर रहने की संभावना है. असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, साथ ही तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 11 अप्रैल के दौरान बिजली गिरने और बारिश की स्थिति बन सकती है. पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में 12 अप्रैल तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. देश के बाकी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं.
तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 10 से 16 अप्रैल के बीच धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जाएगी, वहीं मध्य भारत में 14 अप्रैल तक तापमान में वृद्धि के बाद थोड़ी स्थिरता देखने को मिल सकती है. पूर्वी भारत में भी 14 अप्रैल तक तापमान बढ़ने के बाद मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी हल्की बढ़ोतरी के बाद तापमान स्थिर रहने का अनुमान है.
कुल मिलाकर देश में गर्मी का असर बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल लोगों को भीषण लू या हीटवेव की चिंता करने की जरूरत नहीं है. आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बारिश और हवाओं के कारण मौसम में हल्की राहत बनी रह सकती है.
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