क्या आएगा और क्या जाएगा? India–US ट्रेड डील में शिवराज ने गिनाए किसानों के फायदे

भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया है कि इस समझौते में किसानों, कृषि और डेयरी हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. GM उत्पादों से लेकर अनाज, डेयरी और डिब्बाबंद सब्जियों तक, भारत ने अपनी रेड लाइन साफ खींच दी है.

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा भरोसा दिलाया है. भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह डील ऐतिहासिक है और पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत की नीति समझौते की है, समझौते में झुकने की नहीं. उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी और इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे.

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शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित यानी GM कृषि उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसे भारतीय कृषि के लिए बेहद अहम फैसला बताया और कहा कि इससे हमारी मिट्टी, हमारे बीज और कृषि की शुद्धता सुरक्षित रहेगी.

'किसानों के हित सर्वोपरि'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस ट्रेड डील में सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा गया है. सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता हमारे प्रमुख अनाजों को लेकर थी और ये सभी पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं.

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शिवराज ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के लिए भारत ने अपने प्रमुख अनाज, फल और डेयरी उत्पादों का कोई द्वार नहीं खोला है. छिलका रहित अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दलहन, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और स्ट्रॉबेरी जैसे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत में नहीं आएंगे. इसके अलावा मिक्स डिब्बाबंद सब्जियों को भी भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी.

डेयरी उत्पादों को भी नो एंट्री

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में भी भारत ने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं. अमेरिका से लिक्विड दूध, मिल्क पाउडर, क्रीम, योगर्ट, बटरमिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज को भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा. इससे भारतीय डेयरी सेक्टर और किसान परिवारों की आजीविका पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.

भारतीय उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय किसानों के कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में ऐसी कोई रियायत नहीं दी गई है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया है.

उन्होंने कहा कि मसालों के निर्यात में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है. भारत के मसाला निर्यात में 88 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और भारतीय मसाले व मसाला उत्पाद दुनिया के 200 देशों तक पहुंच रहे हैं. वर्ष 2024-25 में भारत का कुल निर्यात 4.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है.

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पीएम मोदी के नेतृत्व में 9 FTA

शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि देश को झुकने नहीं देंगे और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील में दोनों बातों का पूरा ध्यान रखा गया है.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब तक 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो चुके हैं. अमेरिका के अलावा यूएई के 27 देश, ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ भारत एफटीए कर चुका है, जबकि अन्य देशों से बातचीत जारी है. शिवराज ने कहा कि इन सभी समझौतों का फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था, किसानों, मजदूरों, गरीबों, निर्यातकों और निर्माताओं को मिलेगा और 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ये मील का पत्थर साबित होंगे.

टेक्सटाइल और MSME को भी मिलेगा फायदा

कृषि मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारत का टैरिफ अब प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले काफी कम होकर 18 फीसदी रह गया है. इससे कपास किसानों, टेक्सटाइल निर्माताओं, जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और MSME सेक्टर को नई गति मिलेगी. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका भी इस समझौते से मजबूत होगी.

'किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित'

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वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए शिवराज सिंह चौहान के हवाले से बताया कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है. छिलका रहित अनाज, आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी.

उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर और कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटरमिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे उत्पाद और चीज को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा. मसालों में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसाले भी भारत में नहीं आएंगे. इससे किसान परिवारों की आजीविका पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.

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