'भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत किसानों के हितों की सुरक्षा की गई है. साथ ही रणनीतिक स्तर पर ऊर्जा खरीद भी इस नए समझौते का हिस्सा हो सकती है.' सरकारी सूत्रों ने इंडिया टुडे को यह जानकारी दी है. सूत्रों के मुताबिक डेयरी सेक्टर को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और बातचीत के दौरान अहम सुरक्षा प्रावधानों से कोई समझौता नहीं किया गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा. इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
उन्होंने यह दावा भी किया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है. कृषि और डेयरी में जो संवेदनशील क्षेत्र प्रोटेक्टेड थे वे आगे भी रहेंगे. भारत दुनिया में जहां भी प्रतिबंध नहीं है वहां से कच्चा तेल रेट के आधार पर खरीदता रहेगा.
'अब हम वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे'
सूत्रों ने कहा कि नई दिल्ली, बड़े बाजार तक पहुंच की कोशिशों के बावजूद, कृषि और डेयरी जैसे इन दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखेगी. ऊर्जा आपूर्ति के सवाल पर सूत्रों ने कहा, 'जब प्रतिबंध लागू थे, तब हमने वेनेजुएला से तेल नहीं खरीदा. अब जब प्रतिबंध हट गए हैं, तो हम खरीद करेंगे.'
500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है व्यापार
सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर यह समझौता अमल में आता है, तो भारत को बड़े आर्थिक फायदे होंगे. आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. इससे पहले अमेरिका की कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस ने कहा था कि भारत के साथ यह समझौता देश के 'विशाल बाजार' में अमेरिकी कृषि निर्यात को बढ़ाएगा और ग्रामीण अमेरिका में नकदी का प्रवाह करेगा.
उन्होंने कहा, 'साल 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था. भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक अहम बाजार है और आज का यह समझौता इस घाटे को कम करने में काफी मदद करेगा. यह अमेरिका फर्स्ट की एक बड़ी जीत है.'
सबसे कम टैरिफ वाले देशों में शामिल भारत
सोमवार की घोषणा के बाद भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जिन पर ट्रंप प्रशासन की ओर से सबसे कम टैरिफ लगाया गया है. भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ पाकिस्तान (19 प्रतिशत), इंडोनेशिया (19 प्रतिशत), बांग्लादेश (20 प्रतिशत), वियतनाम (20 प्रतिशत) और चीन (34 प्रतिशत) से कम है.
हिमांशु मिश्रा