देश में 48 डिग्री वाला टॉर्चर... अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज, कहीं बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, 14 शहरों से रिपोर्ट

देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर लगातार बढ़ रहा है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 43°C से 48°C तक पहुंच गया है. अस्पतालों में हीटस्ट्रोक मरीज बढ़ रहे हैं, कई गांवों में पानी संकट गहरा गया है और मंदिरों, चिड़ियाघरों और सार्वजनिक जगहों पर विशेष कूलिंग व्यवस्था करनी पड़ रही है. IMD ने कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया है.

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दिल्ली से लेकर बिहार तक लू का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है (Photo: PTI) दिल्ली से लेकर बिहार तक लू का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है (Photo: PTI)

आजतक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

इस वक्त पूरा उत्तर और मध्य भारत एक भयंकर लू की चपेट में है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तापमान 43 से 48 डिग्री के बीच पहुंच गया है. गर्मी इतनी ज्यादा है कि अस्पताल मरीजों से भर गए हैं, गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है, जंगलों में आग लग रही है, जानवर पानी के लिए भटक रहे हैं और मंदिरों में भगवान की मूर्तियों के लिए AC लगाए जा रहे हैं. यह सिर्फ एक शहर या एक राज्य की बात नहीं है. पूरे देश में एक साथ ऐसे हालात बने हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए.

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राजस्थान: दिन में 45 डिग्री, रात में भी राहत नहीं

राजस्थान का फतेहपुर शेखावाटी इस वक्त देश के सबसे गर्म इलाकों में से एक है. यहां तापमान 45.5 डिग्री तक पहुंच चुका है. ऊपर से गर्म और सूखी हवाएं चल रही हैं जिससे गर्मी का एहसास 46 डिग्री जैसा हो जाता है. आमतौर पर रात को थोड़ी ठंडक आती है, लेकिन यहां रात का तापमान भी 30 डिग्री के करीब है. यानी 24 घंटे झुलसाने वाली गर्मी. लोग न दिन में चैन से रह पा रहे हैं, न रात को ठीक से सो पा रहे हैं. पानी और बिजली दोनों की किल्लत अलग से है.

उत्तर प्रदेश का बांदा: 48 डिग्री पार, अस्पताल में मरीजों की कतार

उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री को भी पार कर गया है. यहां के अस्पतालों में इतनी भीड़ है कि संभालना मुश्किल हो रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि दस्त, उल्टी, बुखार, शरीर में पानी की कमी और लू लगने के मरीज अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं.

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गर्मी सीधे तौर पर लोगों की सेहत पर हमला कर रही है और कमजोर, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं.

महाराष्ट्र का नागपुर: 10 साल का रिकॉर्ड टूटा

नागपुर और पूरे विदर्भ इलाके में इस बार गर्मी ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. नागपुर का तापमान 46.6 डिग्री तक पहुंच गया जो पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा है. नागपुर के पास वर्धा जिला तो और भी ज्यादा जल रहा है, जहां पारा 47.1 डिग्री तक चला गया. यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, इसका मतलब है कि वहां के लोगों का बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया है.

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झारखंड का जमशेदपुर: कुएं सूखे, टैंकर के लिए घंटों कतार

जमशेदपुर में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है और पीने का पानी बड़ी समस्या बन चुका है. शहर के लोग टैंकर से आने वाले पानी पर निर्भर हैं. गांवों में हालत और बुरी है. कुएं और हैंडपंप सूख गए हैं. लोग गड्ढों और सूखते हुए स्रोतों से पानी इकट्ठा कर रहे हैं. साफ पानी न मिलने से बीमारी का खतरा और बढ़ जाता है.

मध्य प्रदेश का रतलाम: पानी लाने के लिए किलोमीटरों पैदल चलना

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रतलाम के खरचा गांव की तस्वीर बहुत दर्दनाक है. यहां कुएं, तालाब और नाले सब सूख गए हैं. गांव की औरतें और बच्चे पानी लाने के लिए पहाड़ी रास्तों पर किलोमीटरों पैदल चलते हैं. सिर पर बर्तन उठाकर, तेज धूप में, दूर-दूर से पानी ढोना उनकी रोज की जिंदगी बन गई है. यह 21वीं सदी के भारत की वह तस्वीर है जो हमें सोचने पर मजबूर करती है.

झारखंड का गढ़वा: गर्मी से आग, जानवर भी परेशान

झारखंड का गढ़वा जिला भी भयंकर गर्मी की चपेट में है जहां तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है. इतनी गर्मी में खड़ी मोटरसाइकिलें और बिजली के ट्रांसफार्मर तक आग पकड़ रहे हैं. जंगल सूख गए हैं जिससे जंगली जानवरों और बंदरों को खाना-पानी नहीं मिल रहा. ये जानवर पानी की तलाश में गांवों और बाजारों में घूम रहे हैं. स्थानीय लोग इन जानवरों के लिए पानी और खाना रख रहे हैं, जो एक अच्छी बात है.

दिल्ली: IMD की चेतावनी, अभी और बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग यानी IMD ने साफ कहा है कि दिल्ली और आसपास के राज्यों में अगले हफ्ते तापमान और बढ़ेगा. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट जारी है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि हालात गंभीर हैं और लोगों को बहुत सावधान रहना होगा. हालांकि एक राहत की खबर यह है कि इस बार मॉनसून जल्दी आ सकता है.

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दिल्ली चिड़ियाघर: जानवरों के लिए कूलर, स्प्रिंकलर और खास खाना

दिल्ली में तापमान 45 डिग्री पार होने पर चिड़ियाघर के अधिकारियों ने जानवरों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए हैं. जानवरों के बाड़ों में कूलर, पंखे, पानी छिड़कने वाले स्प्रिंकलर लगाए गए हैं और हरे जालों से छाया बनाई गई है. उनके खाने में भी बदलाव किया गया है ताकि वे इस गर्मी में ठीक रह सकें. जो इंसानों के लिए मुश्किल है, वह बेजुबान जानवरों के लिए और भी कठिन है.

उत्तराखंड: पहाड़ के मैदानी इलाकों में भी लू, येलो अलर्ट

देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है और येलो अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि पहाड़ी इलाकों में बारिश का अनुमान है जिससे वहां कुछ राहत मिल सकती है.

शिमला तक पहुंची गर्मी: पहाड़ भी झुलसे

जो लोग सोचते थे कि पहाड़ी इलाकों में गर्मी से राहत मिलेगी, उनके लिए बुरी खबर यह है कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी तापमान 30.5 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से 5.5 डिग्री ज्यादा है. ऊना में तो पारा 44 डिग्री तक चला गया. पहाड़ों पर इतनी गर्मी असामान्य है और यह दिखाता है कि इस बार की लू कितनी व्यापक और गहरी है.

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धार्मिक स्थल: भगवान की मूर्तियों को भी AC की जरूरत

इस गर्मी ने धार्मिक जगहों पर भी असर डाला है लेकिन यहां नजारा थोड़ा अलग है. बिहार के गया में रामशिला मंदिर में तापमान 45-46 डिग्री पहुंचने पर मंदिर प्रशासन ने मूर्तियों के पास AC और कूलर लगा दिए हैं. वाराणसी के मंदिरों में भी यही किया गया है. पुजारियों का कहना है कि देवताओं को गर्मी में ठंडा खाना, मौसमी फल और सूती कपड़े चढ़ाए जा रहे हैं. इसे श्रद्धा का एक खास तरीका कहा जा सकता है.

अयोध्या और प्रयागराज: आस्था के लिए गर्मी भी कुछ नहीं

अयोध्या में तेज गर्मी के बावजूद हजारों श्रद्धालु राम की पैड़ी पर सरयू नदी में डुबकी लगाने आ रहे हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आ रहे हैं और आस्था के आगे गर्मी को कुछ नहीं मान रहे. प्रयागराज में भी यही हाल है जहां 46 डिग्री गर्मी में लोग त्रिवेणी संगम के पानी में घंटों बैठे रहते हैं. हालांकि वहां एक और परेशानी है. इतनी गर्मी की वजह से गंगा और यमुना का पानी कम हो गया है और बड़े-बड़े रेत के मैदान दिखने लगे हैं जिससे संगम में डुबकी लगाना मुश्किल हो गया है.

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