आखिर 10 दिन में कैसे गिरता गया अडानी का ग्राफ, टॉप-20 अमीरों की लिस्ट से बाहर, Inside Story

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में उथल-पुथल मची हुई है. पिछले 10 दिन में अडानी ग्रुप के कारोबार में बड़े स्तर पर गिरावट दर्ज की गई है. आलम ये है कि दुनिया के तीसरे सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल अडानी अब टॉप-20 की लिस्ट से भी बाहर हो गए हैं. उधर विपक्ष भी लगातार हमलावर हो रहा है.

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गौतम अडानी का कारोबार लगातार गिरता जा रहा है (फोटो- अडानी ग्रुप) गौतम अडानी का कारोबार लगातार गिरता जा रहा है (फोटो- अडानी ग्रुप)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:57 PM IST

न्यूयॉर्क की शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप को करारा झटका लगा है. कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट जारी है. दुनिया के तीसरे सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल गौतम अडानी महज 10 दिन के अंदर ही टॉप-20 की लिस्ट से भी बाहर हो गए हैं. इसके साथ ही विपक्ष भी उन पर लगातार हमलावर देखा जा रहा है. समझते हैं गौतम अडानी के आर्थिक साम्राज्य के हिलने की इनसाइड स्टोरी...

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सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि गौतम अडानी का कारोबार इतना गिर गया. हिंडनबर्ग- यही वो नाम है, जिसने अडानी जैसे फौलादी कारोबारी को तगड़ा झटका दिया है. हिंडनबर्ग रिसर्च नाम की कंपनी के मालिक का नाम नाथन एंडरसन है. नाथन की इस कंपनी का मुख्य काम शेयर मार्केट, इक्विटी, क्रेडिट, और डेरिवेटिव्स पर रिसर्च करना है.

हिंडनबर्ग रिसर्च आखिर पता क्या करती है?

- क्या शेयर मार्केट में कहीं गलत तरह से पैसों की हेरा-फेरी हो रही है?
- कहीं बड़ी कंपनियां अपने फायदे के लिए अकाउंट मिसमैनेजमेंट तो नहीं कर रहीं हैं?
- कोई कंपनी अपने फायदे के लिए शेयर मार्केट में गलत तरह से दूसरी कंपनियों के शेयर को बेट लगाकर नुकसान तो नहीं पहुंचा रही?

रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के कुछ घंटे बाद से ही अडानी समूह की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई थीं. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि धोखाधड़ी वाले लेन-देन और शेयर की कीमतों में हेर-फेर करके अडानी ग्रुप ने कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड किया है. इस रिपोर्ट के बाद से ही अडानी ग्रुप के शेयर की कीमतों में लगातार गिरावट हो रही है. हालात बिगड़ तो अडानी ग्रुप को 20,000 करोड़ रुपये के एफपीओ को भी रद्द करना पड़ा है.

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अडानी के गिरते शेयर से इंटरनेशनल मार्केट कैसे प्रभावित हुआ?

1- पिछले 10 दिन में अडानी ग्रुप को करीब 10 लाख करोड़ के नुकसान का अनुमान है.
2- ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स में अडानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप-20 से भी बाहर हो गए हैं.
3- अडानी की नेटवर्थ गिरकर 61.3 बिलियन डॉलर पहुंची. 24 घंटे में 10.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. 
4- पिछले 10 दिन में अडानी के शेयरों में 60% तक गिरावट दर्ज की जा चुकी है.
5- अमेरिका के डाउ जोंस ने अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर को सस्टेनिबिलिटी इंडेक्स से बाहर करने का ऐलान किया है.
6- NSE ने अडानी ग्रुप की 3 कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मार्जिन यानी ASM में डाल दिया है.

अडानी मामले में विपक्ष का हंगामा 

भारत ही नहीं, दुनिया के दिग्गज कारोबारियों में शामिल गौतम अडानी को लेकर जोर का शोर मचा है. अडानी को लेकर विपक्ष मोदी सरकार को घेर रहा है. आरोप लगा रहा है कि सरकार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर अडानी को फायदा पहुंचाया गया, जिससे अब जनता की मुश्किल भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या बोलीं?

गौतम अडानी के मामले पर जवाब देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को सामने आईं. उन्होंने कहा कि आडानी ग्रुप के मौजूदा हालात से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि FPO आते-जाते रहते हैं. हर बाजार में उतार-चढ़ाव नैचुरल होता है.

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LIC से लेकर SEBI ने रिपोर्ट तलब की

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद से गौतम अडानी ग्रुप से लगातार केंद्रीय संस्थाएं सवाल-जवाब कर रहीं हैं. LIC से लेकर SEBI तक रिपोर्ट तलब कर चुकी हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अडानी केस में संबंधित एजेंसियां अपना काम कर रहीं हैं. एसबीआई हो या एलआईसी सभी अपना पक्ष सामने रख चुकी हैं. 

अमीरों की रैकिंग में गिरते जा रहे अडानी

अमीरों की रैकिंग में अडानी लगातार गिरते जा रहे हैं. अडानी ग्रुप, अडानी एंटरप्राइजेज का FPO भी वापस ले चुका है. जिसके बाद से शेयर मार्केट में हंगामा मचा है. अडानी ने हाल ही में FPO जारी किया था और 31 जनवरी तक यहां निवेशकों को पैसा लगाने का मौका था, लेकिन बजट वाले दिन कंपनी ने अपने FPO को वापस ले लिया था. 

क्या आमजन पर पड़ेगा सीधा असर?  

सवाल है कि क्या अडानी ग्रुप के गिरते शेयर का सीधा असर आम आदमी पर भी पड़ेगा? दरअसल, शेयर मार्केट से लेकर संसद तक जिस तरह का माहौल दिख रहा है, उससे आम लोगों को भी डर है कि कहीं ऐसा ना हो कि बैंक में जमा उनका पैसा भी डूब जाए. ये आशंका इसलिए बनी हुई है क्योंकि 10 दिन के अंदर अडानी ग्रुप की कंपनियों को 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. साथ ही आशंका है कि क्या LIC, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक में जो जनता के पैसे जमा हैं, उस पर खतरा मंडरा रहा है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि अडानी संकट से जनता के पैसों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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निवेश को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?

1- भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC ने अडानी ग्रुप की पांच कंपनियों में निवेश किया है, ये रकम करीब 36,474 करोड़ रुपए बताई जाती है.
2- देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के तौर पर पहचान रखने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अडानी ग्रुप को करीब 21 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दे रखा है. 
3- पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से 7000 करोड़ रुपए अडानी ग्रुप को दिए गए हैं.
4-  भारतीय बैंकों और एलआईसी का कुल करीब 80 हजार करोड़ रुपए अडानी ग्रुप में निवेश या कर्ज के तौर पर जुड़ा हुआ है.

ये सच है कि अडानी ग्रुप की गिरती मार्केट वैल्यू को लेकर निवेशक और शेयर मार्केट में उथल-पुथल है. लेकिन ये आधा सच है. एक्सपर्ट कह रहे हैं कि अडानी ग्रुप की जो भी हालत है उससे हाल फिलहाल आम लोगों के बैंकों में जमा पैसों पर जरा भी फर्क नहीं पड़ने वाला है.

(रिपोर्ट- आजतक ब्यूरो)

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