'या तो ट्रंप झूठ बोल रहे या...', रमाशंकर राजभर ने सीज फायर पर सरकार को घेरा

सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खुलेआम घूमते रहने और बैसरन घाटी में सुरक्षाबलों की मौजूदगी नहीं होने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घटना के तीन महीने बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा चूक हो गई. ये आतंकी अब तक क्यों पकड़े नहीं जा सके?

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उत्तर प्रदेश के सलेमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर. (Photo: X/@SansadTV) उत्तर प्रदेश के सलेमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर. (Photo: X/@SansadTV)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर चर्चा हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की कार्रवाई के बारे में सदन को जानकारी दी. विपक्षी सांसदों ने बहस के दौरान सरकार से तीखे सवाल पूछे. उत्तर प्रदेश की सलेमपुर संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि जवान की सीमा सुरक्षित हो, किसान का खेत सुरक्षित हो और गरीब का पेट सुरक्षित हो, ये हमारी नीति होनी चाहिए. 

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उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने इसी सदन में 100 आतंकियों को मारने की बात कही, इसका स्वागत है. उनमें वह 4 आतंकी जो पहलगाम हमले में शामिल थे, उनका नाम नहीं आया. रमाशंकर राजभर ने कहा कि आतंकी घटना 22 अप्रैल को हुई और ऑपरेशन सिंदूर 17 दिन बाद हुआ. होगी कोई परिस्थिति. उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, 'मुलायम सिंह ने दुनिया के सामने समर्पण करने की बात कभी नहीं की. देश का मन क्या था? वह तीसरे दिन ऑपरेशन तंदूर चलाने का था. आतंकी हमले के 17 दिन बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर, तीन दिन में बंद हुआ. हमारे देश के प्रधानमंत्री विश्व गुरु हों, किस भारतीय को घमंड नहीं होगा. लेकिन हमें पता चला कि विश्व गुरु तो व्हाइट हाउस में बैठा है.'

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ट्रंप ने 26 बार किया युद्धविराम कराने का दावा

सपा सांसद ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप ने 26 बार कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया है. ट्रंप ने कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा कि हमने भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध रोकने के लिए बिजनेस डील ऑफर की. प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की घनिष्ठ मित्रता के बावजूद अमेरिका ने पाकिस्तान को लोन दिलाने के पक्ष में मतदान किया. ट्रंप ने असीम मुनीर की मेजबानी की. भारत सरकार पाकिस्तान को अलग-थलग करने में विफल रही. क्वॉड जैसे मंच पर भारत, अमेरिका के सैन्य नेतृत्व को पाकिस्तान को वैश्विक वैधता देने से नहीं रोक सका.'

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ट्रंप झूठ बोल रहे या सरकार सच्चाई छिपा रही

सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खुलेआम घूमते रहने और बैसरन घाटी में सुरक्षाबलों की मौजूदगी नहीं होने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घटना के तीन महीने बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा चूक हो गई. ये आतंकी अब तक क्यों पकड़े नहीं जा सके? भारत ने हमेशा कहा है कि हमारे मसले द्विपक्षीय हैं और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं है. अगर युद्धविराम को लेकर ट्रंप की बात सही है, तो भारत ने अपने सैन्य और कूटनीतिक फैसलों की स्वतंत्रता खो दी. सरकार को बताना चाहिए कि युद्धविराम में क्या अमेरिका की कोई भूमिका थी? अगर नहीं थी तो फिर क्यों भारतीयों को ट्रंप से ये बातें सुनने को मिलीं. या तो ट्रंप झूठ बोल रहे हैं या सरकार सच्चाई छिपा रही है. जनता को सच बताया जाना चाहिए.

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