ईडी ने तमिलनाडु के 'कैश फॉर जॉब' घोटाले में एक बार फिर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जांच एजेंसी ने तमिलनाडु की नवगठित सरकार को एक नया लेटर भेजा है. इसके जरिए ईडी ने DMK के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के खिलाफ मुकदमा चलाने की कानूनी मंजूरी मांगी है.
हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब ईडी ने इस मामले में सरकार का दरवाजा खटखटाया है. इससे पहले पिछले साल मई के महीने में भी ईडी ने तत्कालीन डीएमके सरकार से सेंथिल बालाजी के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी.
उस समय की राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसी की मांग को सिरे से खारिज कर दिया था और मंजूरी देने से साफ मना कर दिया था. अब राज्य में नई सरकार के सत्ता में आते ही ईडी ने एक बार फिर नए सिरे से पत्र लिखकर अपनी मांग दोहराई है.
क्या है पूरा घोटाला?
ये मामला ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि ये घोटाला साल 2011 से 2016 के बीच हुआ था. उस दौरान सेंथिल बालाजी राज्य के परिवहन मंत्री का पद संभाल रहे थे. उनपर और उनके करीबियों पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए विभाग में अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने के बदले लोगों से भारी रिश्वत ली थी.
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जून 2023 से चल रही है कानूनी कार्रवाई
ईडी ने जून 2023 में सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार कर लिया था. इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सेंथिल बालाजी के साथ-साथ उनके भाई आरवी अशोक कुमार, उनके पर्सनल असिस्टेंट बी शन्मुगम और एम कार्तिकेयन भी शामिल थे.
मुनीष पांडे / प्रमोद माधव