'नेपाल के Gen-Z आंदोलन से प्रेरित था कांग्रेसियों का AI समिट में प्रोटेस्ट', दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अदालत में दावा किया कि यह नेपाल के जेन-Z प्रोटेस्ट से प्रेरित था. कोर्ट ने इस मामले में आरोपी यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं की जमानत नामंजूर कर दी और 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया.

Advertisement
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया. (Photo: PTI) नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया. (Photo: PTI)

अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट के दौरान अर्धनग्न होकर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के 4 कार्यकर्ताओं की जमानत नामंजूर कर दी और उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया. सुनवाई के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया. पुलिस ने अदालत को बताया कि यह प्रदर्शन नेपाल में हुई हिंसक जेन-Z आंदोलन से प्रेरित था, जिसने वहां की सरकार को गिरा दिया था.
 
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है. अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपियों को आपस में और डिजिटल सबूतों के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना जरूरी है. साथ ही यह भी जांच की जानी चाहिए कि प्रदर्शन के लिए फंडिंग कहां से हुई और टी-शर्ट छपवाने का खर्च किसने उठाया. इन टी-शर्ट्स पर 'PM is Compromised', 'India-US Trade Deal' और 'Epstein Files' जैसे नारे लिखे थे, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें भी थीं.

यह भी पढ़ें: यूथ कांग्रेस के खिलाफ BJYM का देशभर में प्रदर्शन, AI समिट की घटना को बताया 'देश विरोधी कृत्य'

Advertisement

कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के करीब 10 कार्यकर्ता शुक्रवार को इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन स्थल भारत मंडपम में घुसे और नारेबाजी की. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें शनिवार सुबह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 5 दिन की रिमांड मांगी. आरोपियों के वकील ने पुलिस के दावों का विरोध करते हुए कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और किसी पर हमला नहीं किया गया. उलटे, प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की गई.

इस घटना के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक जंग छिड़ गई. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भूपेंद्र यादव समेत कई बीजेपी नेताओं ने यूथ कांग्रेस की इस हरकत को 'राष्ट्रविरोधी' करार दिया और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया. बीजेपी के युवा मोर्चा बीजेवाईएम ने नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए. कांग्रेस ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का बचाव किया. 

Advertisement

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement