रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को रक्षा खरीद परिषद की बैठक में अहम फैसला लिया गया है. इस बैठक में सशस्त्र ड्रोन, कार्बाइन और बुलेटप्रूफ जैकेट सहित रक्षा बलों के लिए 28,732 करोड़ रुपये के हथियारों की खरीद को मंजूरी दी गई है. ये सभी हथियार 'इंडियन (आईडीडीएम यानि इंडीजिनस डिजाइन, डेवलपेड एंड मैन्युफैक्चिंग') और 'इंडियन (बाय)' के तहत खरीदे जाएंगे.
रक्षा मंत्रालय राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर जानकारी दी कि परिषद की बैठक में एलओसी पर तैनात भारतीय जवानों के लिए दुश्मन के स्नाइपर्स के खतरे के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में निकट युद्ध अभियानों के मद्देनजर बुलेटप्रूफ जैकेट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
मंत्रालय ने कहा कि पारंपरिक और हाइब्रिड युद्ध के मौजूदा जटिल प्रतिमान का मुकाबला करने के लिए 4 लाख क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन खरीदने की स्वीकृति दी गई है.
14 तेज गश्ती जहाजों के अधिग्रहण को मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आधुनिक युद्ध में भारतीय सेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए डीएसी द्वारा स्वायत्त निगरानी और सशस्त्र ड्रोन स्वार्म्स की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है. दुनिया भर में हो रहे संघर्षों को ध्यान में रखते हुए ड्रोन तकनीक सैन्य अभियानों को और भी ज्यादा आसान बनाएंगे.
डीएसी ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए 14 तेज गश्ती जहाजों के अधिग्रहण के भारतीय तटरक्षक के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा नौसेना के 1250 किलोवाट क्षमता के समुद्री गैस टर्बाइन जेनरेटर को अपग्रेड किए जाएंगे.
सेना के 8,599 करोड़ के तीन प्रस्ताव मंजूर
डीएसी ने भारतीय सेना के तीन प्रस्तावों- गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन, एरिया डेनियल मुनिशन टाइप-I और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल कमांड को भी मंजूरी दी है. इन्हें डीआरडीओ ने डिजाइन और विकसित किया है. इन 3 प्रस्तावों का कुल कीमत 8,599 करोड़ रुपये है.
- गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट एम्युनिशन की रेंज 75 किलोमीटर है, जबकि 40 मीटर तक इसका निशाना अचूक है.
- एरियल डेनियल मुनिशन टाइप-I रॉकेट एम्युनिशन में दोहरे उद्देश्य वाले सब-म्यूनिशन शामिल हैं, जो टैंकों और सेना के हथियार बंद वाहनों को बेअसर करने में सक्षम हैं.
- इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल कमांडरों को वास्तविक समय की जानकारी एकत्र करने, प्रसारित करने, साझा करने और प्रस्तुत करने की तकनीक से लैस है।
- अभियानों को तुरंत करने का फैसला देने में मदद करेंगे. आधुनिक तकनीक से लैस ये व्हीकल कमांडरों को वास्तविक समय की जानकारी एकत्र करेंगे.
मंजीत नेगी