केरल में कांग्रेस की जीत के बाद सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस 10 मई, रविवार को केरल के मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है. विधायकों की मीटिंग में एक-लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ. केरल के मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर छोड़ दिया गया है.
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने गुरुवार को कहा कि केरल में चल रही कांग्रेस विधायक दल (CLP) की प्रक्रिया पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को दर्शाती है और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी पर भी कोई फ़ैसला थोपा नहीं जा रहा है.
विधायक दल की बैठक और विधायकों के साथ विचार-विमर्श के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि विधायकों और सीनियर नेताओं से मिली राय पर विचार किया जाएगा, जिसके बाद पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर अंतिम फ़ैसला लेगा.
सतीशन का कड़ा रुख!
सूत्रों के मुताबिक, अगर केरल में VD सतीशन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं चुना जाता है, तो वे कड़ा रुख अपना सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, सतीशन ने फैसला किया है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है, तो वे सिर्फ़ विधायक बने रहेंगे और शायद नई सरकार का हिस्सा न बनने का विकल्प चुन सकते हैं.
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140 सदस्यों वाली विधानसभा में यूडीएफ की 102 सीटों की भारी जीत का जश्न जारी रहने के बीच, केरल कांग्रेस (जोसेफ) के प्रमुख पी.जे. जोसेफ ने नई सरकार में अपनी पार्टी के लिए कम से कम दो मंत्री पद की मांग की है.
शिबिमोल / मौसमी सिंह