चंडीगढ़ मेयर चुनाव में इस बार सिस्टम में बदलाव, अब हाथ उठाकर होगा मतदान, पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

दो साल पहले मेयर चुनाव विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मामले के बाद चंडीगढ़ में इस बार मेयर चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. अब चंडीगढ़ में मेयर चुनाव ‘शो ऑफ हैंड्स’ से होगा. यानी हाथ उठाकर वोटिंग का फैसला लिया गया है. 29 जनवरी को वोटिंग होगी. प्रशासन ने कहा कि सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है.

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चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हाथ उठाकर मतदान होगा. (File Photo) चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हाथ उठाकर मतदान होगा. (File Photo)

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

चंडीगढ़ नगर निगम का मेयर चुनाव ‘शो ऑफ हैंड्स’ यानी हाथ उठाकर मतदान के जरिए कराया जाएगा. पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी. प्रशासन ने मेयर चुनाव में पारदर्शिता पर जोर दिया है. 

चंडीगढ़ नगर निगम (MC) के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए होने वाला चुनाव 29 जनवरी 2026 को ‘शो ऑफ हैंड्स’ प्रक्रिया से कराया जाएगा. इसके लिए नगर निगम ने 22 जनवरी को आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया तय कर दी है और पूरे चुनाव का शेड्यूल तैयार कर लिया गया है.

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यह फैसला पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 और चंडीगढ़ म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस) रेगुलेशंस, 1996 के प्रावधानों के अनुसार लिया गया है, जो यूटी चंडीगढ़ में लागू होता है.

इससे पहले 2024 के मेयर चुनाव में विवाद सामने आया था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. उस समय बीजेपी के अनिल मसीह प्रिसाइडिंग ऑफिसर थे और वोटों को रद्द किए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था. उसी चुनाव में बीजेपी पर ‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोप भी लगे थे.

हालांकि बाद में कोर्ट के फैसले के बाद नतीजे बदले गए और पिछली चुनाव प्रक्रिया में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. बाबला बीजेपी की ओर से मेयर चुने गए थे. लेकिन उस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद ‘शो ऑफ हैंड्स’ से वोटिंग और सख्त एसओपी की मांग उठी थी.

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इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की गई है, जिसमें हर चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. एसओपी के मुताबिक पार्षदों को अपने पक्ष में मतदान के समय साफ तौर पर हाथ उठाना होगा.

वोटों की गिनती दृश्य सत्यापन और मौखिक पुष्टि के जरिए की जाएगी. इसके साथ ही वोट रजिस्टर में एंट्री, मीटिंग की मिनट्स में रिकॉर्डिंग जैसे दस्तावेजी प्रावधान अनिवार्य होंगे, ताकि किसी तरह का विवाद न हो.

इस चुनाव के लिए प्रिस्क्राइब्ड अथॉरिटी और चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम परिसर का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक भी हुई.

डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की बिना किसी एडिटिंग के लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए. इस वीडियो रिकॉर्ड को कम से कम 90 दिनों तक या सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार सुरक्षित रखा जाएगा. नियमों के तहत मीडिया कवरेज और लाइव फीड की भी अनुमति दी जाएगी, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे.

पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 60(a) के तहत पार्षद डॉ. रमनीक सिंह बेदी को 29 जनवरी की बैठक के लिए प्रिसाइडिंग अथॉरिटी नियुक्त किया गया है. डॉ. बेदी इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं और वही पूरी कार्यवाही का संचालन करेंगे.

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सुरक्षा और उपस्थिति को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. बैठक में शामिल होने वाले पार्षद अपने साथ किसी भी समर्थक या दूसरे राज्यों से सुरक्षा कर्मियों को नहीं ला सकेंगे. केवल अधिकृत लोगों को ही नगर निगम परिसर में प्रवेश मिलेगा.

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