लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव के तबादले को 'लीपापोती' करार दिया है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हटाया गया है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा लिया गया है.
राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री को 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए करीब 18.5 लाख छात्रों की वास्तव में चिंता होती, तो शिक्षा मंत्री को बहुत पहले ही पद से हटा दिया गया होता.
उन्होंने लिखा, 'सीबीएसई अध्यक्ष का तबादला, सीबीएसई सचिव का तबादला, एक सदस्यीय जांच समिति का गठन और असली जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित. अधिकारियों को हटाया गया, लेकिन मंत्री को बचा लिया गया. यह जवाबदेही नहीं, बल्कि लीपापोती है.'
शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसा आंतरिक मामला नहीं है जिसे एक महीने में दबा दिया जाए.
इससे पहले केंद्र सरकार ने सीबीएसई की कक्षा 12 की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के बाद बोर्ड के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया. साथ ही ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है.
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस एक सदस्यीय जांच समिति की अध्यक्षता एस. राधा चौहान करेंगी. समिति को आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार दिया गया है. समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपनी होगी.
गौरतलब है कि सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के क्रियान्वयन को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने कई तरह की चिंताएं और शिकायतें उठाई थीं, जिसके बाद यह विवाद सामने आया.
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