पीठासीन की बात पर रुल बुक लेकर क्यों खड़े हो गए ओवैसी, लोकसभा में जोरदार हंगामा

लोकसभा में एक मौका ऐसा आया, जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी रूल बुक लेकर खड़े हो गए. लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ. चेयर पर तब जगदंबिका पाल थे.

Advertisement
असदुद्दीन ओवैसी ने पीठासीन की बात पर की आपत्ति (Photo: Screengrab) असदुद्दीन ओवैसी ने पीठासीन की बात पर की आपत्ति (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

बजट सत्र के दूसरे हाफ की हंगामेदार शुरूआत हुई है. लोकसभा और राज्यसभा, संसद के दोनों सदनों में पहले दिन जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष ने एनर्जी सिक्योरिटी और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की डिमांड करते हुए जोरदार हंगामा किया. लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर शाम तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.

Advertisement

दोपहर 12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब लोकसभा में कार्यवाही का संचालन करने चेयर पर जगदंबिका पाल आए. जगदंबिका पाल ने कहा कि सदस्यों की ओर से कुछ विषयों पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस प्राप्त हुआ है. किसी को भी माननीय अध्यक्ष ने अनुमति प्रदान नहीं की है. इस पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया.

असदुद्दीन ओवैसी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. ओवैसी रुल बुक लेकर खड़े हो गए. इस पर जगदंबिका पाल ने ओवैसी को टोकते हुए कहा कि कोई पॉइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरी अथॉरिटी है. जगदंबिका पाल ने अपनी बात पूरी की और इसके बाद कहा कि कौन सा नियम आप बता रहे हैं, वो नियम नहीं है. कोई नियम नहीं है.

यह भी पढ़ें: 'हिम्मत है तो...', रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष को दी ये चुनौती, जोरदार हंगामा

Advertisement

जगदंबिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अभी आया नहीं है. अविश्वास प्रस्ताव पर अभी चर्चा नहीं हुई. उन्होंने इसके बाद अपनी बात में थोड़ा बदलाव करते हुए कहा कि अध्यक्ष की अनुमति से इसे मैं खारिज करता हूं. इसके बाद पीठासीन जगदंबिका पाल ने लिस्टेड बिजनेस लेने शुरू कर दिए. विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट की जंग और ईरान को लेकर जयशंकर ने संसद में क्या कुछ कहा, 10 बड़ी बातें

विदेश मंत्री के बयान के दौरान भी हंगामा

लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान की जंग पर बयान दिया. पीठासीन ने विपक्षी सदस्यों से विदेश मंत्री के महत्वपूर्ण बयान के दौरान शांत होकर अपनी चेयर पर बैठने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और विदेश मंत्री जयशंकर ने हंगामे के बीच ही अपनी बात पूरी की.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement