कंटेंट की खातिर 'लाइव एक्सीडेंट' से लेकर जानलेवा स्टंट तक... कौन रोकेगा ये डिजिटल सनक?

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

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The mother of Sahil Dhaneshra, who died in an accident in Delhi on February 3, accused the minor, a 17-year-old, of shooting reels while he was overspeeding his Scorpio. The mother of Sahil Dhaneshra, who died in an accident in Delhi on February 3, accused the minor, a 17-year-old, of shooting reels while he was overspeeding his Scorpio.

बिदिशा साहा

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

दिल्ली के द्वारका में 23 साल के साहिल धनिश्रा की सड़क हादसे में मौत ने एक बार फिर रोड सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लेकिन मामला यहीं तक सीमित नहीं है. साहिल की मां इन्ना मकन ने आरोप लगाया कि जिस नाबालिग ने उनकी बेटे की बाइक को टक्कर मारी, वह अपने पिता की SUV लेकर बहन के साथ रील बनाने निकला था.

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हालांकि मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन एक बड़ा सवाल सामने है, क्या सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने की दौड़ लोगों को जानलेवा हरकतों की ओर धकेल रही है? हमारी पड़ताल बताती है कि एल्गोरिदम ऐसे खतरनाक कंटेंट को सिर्फ दिखा ही नहीं रहा, बल्कि उसे ज्यादा लोगों तक पहुंचा भी रहा है.

जो तस्वीर सामने आई है, वह एक हादसे से कहीं बड़ी है. इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर खुलेआम सड़क सुरक्षा का मजाक उड़ाया जा रहा है. बाइक और कार के खतरनाक स्टंट, बीच सड़क पर ‘लाइव एक्सीडेंट’ जैसे वीडियो, सब कुछ सिर्फ व्यूज और कमाई के लिए डाला जा रहा है.

खतरनाक हरकतों को कंटेंट बनाकर पेश किया जा रहा है. अजीबोगरीब कीवर्ड और डरावने विजुअल वाले पोस्ट को सामान्य वीडियो से कई गुना ज्यादा व्यू मिल रहे हैं.

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इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं.

सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

इंस्टाग्राम पर रोड रेज का खेल

हमारी जांच में सामने आया कि शॉक पैदा करने वाला कंटेंट ज्यादा तेजी से फैलता है. सवाल ये है कि लोग वायरल होने के लिए कितना नीचे तक जाएंगे?

मसलन, इंस्टाग्राम अकाउंट ‘hckumg’ खुद को 'stud' बताता है. उसके प्रोफाइल पर ‘लाइव एक्सीडेंट’ शब्द बार-बार दिखता है. वीडियो में वह जानबूझकर बाइक से कभी व्यस्त सड़क पर, कभी हाईवे पर गिरता नजर आता है.  2021 से अब तक उसके करीब 400 रील्स का विश्लेषण किया गया. शुरुआती वीडियो में दोस्तों के साथ घूमना, बाइक दिखाना ज्यादा नहीं चले. लेकिन जैसे ही उसने बीच सड़क ‘स्टेज्ड एक्सीडेंट’ जैसे वीडियो डालने शुरू किए, व्यूज बढ़ते गए.

ज्यादातर वीडियो को कुछ हजार व्यू मिलते हैं, लेकिन ‘एक्सट्रीम रोड रेज’ वाले एक वीडियो ने 47 लाख व्यू पार कर लिए.

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क्या इंस्टाग्राम ऐसे कंटेंट को खुद बढ़ावा दे रहा है?

एक और उदाहरण देखें. ‘swift_lover0037’ नाम का यूजर, जिसके 2.41 लाख फॉलोअर्स हैं. आमतौर पर उसके लाइफस्टाइल वीडियो 4 से 20 हजार व्यू तक पहुंचते हैं. लेकिन जैसे ही कंटेंट कार स्टंट या एक्सीडेंट फुटेज की तरफ मुड़ता है, आंकड़े अचानक उछल जाते हैं. उसका एक वीडियो 1.2 करोड़ व्यू पार कर चुका है, दूसरा 33 लाख तक पहुंचा.

कुछ वीडियो इतने ग्राफिक हैं कि इंस्टाग्राम ने उन पर ‘सेंसिटिव कंटेंट’ की चेतावनी लगा दी. लेकिन फिर भी ऐसे कई वीडियो बिना रोक-टोक फैल रहे हैं.

‘shinu_nagar_’ नाम का एक और यूजर बार-बार 'Live accident' जैसे कैप्शन के साथ वीडियो डालता है. हेलमेट के बिना बाइक चलाते हुए शूट किए गए इन वीडियो में से एक 2.49 करोड़ व्यू तक पहुंच गया.

ध्यान से देखें तो वीडियो किसी असली हादसे से ज्यादा ‘तैयार’ किया हुआ लगता है. लेकिन यही क्लिप अलग-अलग तरीके से कई बार पोस्ट की गई ताकि हर बार नए व्यू मिलें.

सीधी बात है, अगर प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट को रोकने के बजाय बढ़ाएंगे, तो लोग उसे बनाते रहेंगे. और इसका अंजाम सड़क पर दिखेगा.

यूट्यूब पर ‘खतरनाक’ स्टंट का बाजार

यूट्यूब पर भी तस्वीर अलग नहीं है. 20 से ज्यादा ऐसे चैनल मिले, जहां जितना खतरनाक वीडियो, उतने ज्यादा व्यू. एक यूजर हाईवे पर 160 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार में कार रेसिंग, ओवरस्पीडिंग और खतरनाक ओवरटेकिंग के वीडियो डालता है. कैप्शन होते हैं 'Fortuner vs Scorpio' या 'Fortuner vs Safari'. बैकग्राउंड में तेज म्यूजिक और मिल जाते हैं लाखों व्यू.

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अगर कैप्शन में 'Fortuner accident' या 'Rash Driving' जोड़ दिया जाए, तो व्यू और बढ़ जाते हैं. आज की डिजिटल पीढ़ी के लिए ऑनलाइन रहना ही जिंदगी है. हादसे अब ‘कंटेंट’ बन गए हैं. शूट करो, पोस्ट करो, और व्यू गिनो.

लेकिन इस खेल की कीमत कौन चुकाता है? सिर्फ वो नहीं जो वीडियो बना रहा है बल्कि सड़क पर चलने वाला हर आम नागरिक. सोशल मीडिया के एल्गोरिदम अगर खतरनाक कंटेंट को इनाम देते रहेंगे, तो यह ट्रेंड रुकने वाला नहीं है. और तब तक हादसे सिर्फ स्क्रीन पर नहीं, असल जिंदगी में भी बढ़ते रहेंगे.

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इनपुट्स: विजयेश तिवारी

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