चीन की क्या है प्रॉब्लम, शरद यादव की JDU में वापसी की कोशिश, सुनें 'आज का दिन'

आखिर चीन की प्रॉब्लम क्या है? जिस तरह वो अचानक सरहद पर ज़रूरत से ज़्यादा डिस्टर्बेंस फैला रहा है.. क्या वो अपने लोगों का ध्यान बांटने के लिए ऐसा कर रहा है? विस्तार में बता रहे हैं इंडिया टुडे डॉट इन के असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता.

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चीन ने की थी घुसपैठ की नाकाम कोशिश चीन ने की थी घुसपैठ की नाकाम कोशिश

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:40 AM IST

कहां तो सब ये ख़बर सुनने को बेसब्र थे कि सरहद पर सब ठीक है और कहां समाचार आया कि एक बार फिर भारत-चीन की भिड़ंत हो गई. पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग है. 29-30 अगस्त की रात को कुछ चीनी सैनिकों ने यहीं से घुसपैठ की कोशिश की. कोशिश तो भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी लेकिन दोनों पक्षों में झड़प हो गई. टेंशन को देखते हुए चुसूल में दोनों देशों ने ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता की जो आज भी होगी लेकिन लोग पूछ रहे हैं कि आखिर चीन की प्रॉब्लम क्या है? जिस तरह वो अचानक सरहद पर ज़रूरत से ज़्यादा डिस्टर्बेंस फैला रहा है.. क्या वो अपने लोगों का ध्यान बांटने के लिए ऐसा कर रहा है? विस्तार में बता रहे हैं इंडिया टुडे डॉट इन के असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता. 

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बिहार में जंग से पहले की तैयारी चल रही है. नेताओं का पार्टी छोड़ना और पार्टी ज्वाइन करना रोज़ की ख़बर है लेकिन आजकल बातें हो रही हैं शरद यादव की. शरद यादव केंद्रीय मंत्री रहे हैं, एनडीए में उनका ऊंचा कद रहा है, जेडीयू के सबसे बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं. नीतीश कुमार जंग में उतरने से पहले घर ठीक कर रहे हैं और कहा ये जा रहा है कि इसीलिए शरद यादव को घर वापस बुलाने की कोशिशें हो रही हैं. 2018 में जेडीयू से अलग हुए शरद यादव की पार्टी में वापसी का धुआं आखिर उठा कहां से.. बता रहे हैं पटना में आजतक रेडियो रिपोर्टर रोहित कुमार सिंह.

कल भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वो 84 साल के थे और अस्पताल में पहले से ही भर्ती थे, उनका इलाज चल रहा था. आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में दोपहर ढाई बजे लोधी श्मशान घाट में होगा. प्रणब मुखर्जी बीमार थे, ऐसे में उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉज़िटिव आ गई थी. देश दुनिया के तमाम नेताओं समेत प्रधानमंत्री मोदी ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया. इस मौके पर सीनियर जर्नलिस्ट विजय त्रिवेदी प्रणब दा की लेगेसी और पॉलिटिक्स दोनों को याद कर रहे हैं.

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और ये भी जानिए कि 1 सितंबर की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी पांच मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.  

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