स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बनी बात! अब 28 भारतीय जहाज और 778 नाविकों की हो पाएगी वापसी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने की मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी-भी 28 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन सभी जहाजों पर 778 नाविक सवार हैं.

Advertisement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारत के 28 जहाज. (File photo) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारत के 28 जहाज. (File photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी-भी 778 नाविकों समेत 28 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में मौजूद है, जबकि 4 जहाज पूर्वी हिस्से की ओर बताए जा रहे हैं.

पोर्ट्स-शिपिंग और वाटर-वे मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के 28 जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर 778 नाविक सवार हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी भाग में 677 नाविकों के साथ मौजूद हैं, जबकि 4 जहाज 101 व्यक्तियों के साथ पूर्वी भाग में हैं.

Advertisement

लगातार हो रही है निगरानी

अधिकारी ने कहा, 'हम सभी जहाजों की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं. अधिकारी, जहाज प्रबंधक और भर्ती एजेंसियां... भारतीय दूतावासों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए समन्वय कर रहे हैं.'

सिन्हा ने कहा कि मंत्रालय फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा और विकसित हो रही समुद्री स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया है.

उन्होंने बताया कि उद्योग और नाविकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए उद्योग और हितधारकों के साथ नियमित रूप से बातचीत की जा रही है.

Advertisement

भारतीय शिप के लिए एडवाइजरी जारी

पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए डीजी शिपिंग ने सभी भारतीय जहाजों और नाविकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है. इसमें सुरक्षा के कड़े उपाय अपनाने और रियल-टाइम डेटा शेयर करने के रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है.

मंत्रालय और डीजी शिपिंग द्वारा 24 घंटे चलने वाले समर्पित कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं. ये कंट्रोल रूम जहाजों की आवाजाही और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर पल-पल की नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके.

भारतीय पोर्ट्स पर संचालन स्थिर

विशेष सचिव सिन्हा के अनुसार, भारत के प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन फिलहाल स्थिर बना हुआ है. बंदरगाहों को निर्देश दिए गए हैं कि वो निर्यातकों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करें और आयात-निर्यात व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करें.

शिपिंग लाइनों और एजेंटों के साथ समन्वय करके जहाजों और कार्गो की स्थिति की नियमित रिपोर्टिंग की जा रही है. सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक तनाव का असर भारत के विदेशी व्यापार और अर्थव्यवस्था पर कम से कम पड़े.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement