बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी चुनाव में बीजेपी को मिलकर टक्कर दे रहे ठाकरे ब्रदर्स, महाराष्ट्र में निकाय चुनावों से पहले लिटमस टेस्ट

ठाकरे परिवार के नेतृत्व में शिवसेना पिछले नौ साल से बेस्ट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी पर कंट्रोल रखती है. क्या वे इस प्रभुत्व को बरकरार रखेंगे या बीजेपी का पैनल विजयी होगा, यह दिलचस्प रहेगा, क्योंकि इस चुनाव का नतीजा मुंबई के राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है.

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बेस्ट सोसाइटी चुनाव में साथ आए ठाकरे ब्रदर्स  (Photo: PTI) बेस्ट सोसाइटी चुनाव में साथ आए ठाकरे ब्रदर्स (Photo: PTI)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 19 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के बीच गठबंधन अब फाइनल हो चुका है. दोनों प्रतिद्वंद्वी पार्टियों ने सोमवार को बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) से जुड़ी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी का चुनाव मिलकर लड़ा है. बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी के निदेशक मंडल के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के खिलाफ ठाकरे ब्रदर्स एक साथ आए हैं. 

ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने से रोचक लड़ाई

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ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने की वजह से बेस्ट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के चुनाव पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन चुके हैं. विधायक प्रसाद लाड के नेतृत्व में बीजेपी ने ठाकरे के दोनों गुटों को चुनौती दी, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो गया और चुनाव बेहद प्रतिस्पर्धी हो गया. यूबीटी सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे दोनों के बेस्ट यूनियन के संयुक्त मोर्चे ने 'उत्कर्ष पैनल' को मैदान में उतारा, जबकि बीजेपी के एमएलसी प्रसाद लाड ने 'श्रमिक सहकार समृद्धि पैनल' का नेतृत्व किया.

ये भी पढ़ें: 'उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे साथ मिलकर लड़ेंगे BMC चुनाव', संजय राउत का ऐलान

सोमवार को हुए चुनाव में 83.69% मतदान हुआ, मुंबई के विभिन्न बेस्ट डिपो में इस चुनाव के लिए वोट डाले गए. क्रेडिट सोसाइटी के सदस्य, बेस्ट कर्मचारियों ने भी मतदान में हिस्सा लिया. बेस्ट बसें, जो मुंबई की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का एक अहम हिस्सा हैं, स्थानीय ट्रेनों के साथ-साथ शहर की लाइफलाइन मानी जाती हैं.

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दोनों गुटों ने लगाए आरोप-प्रत्यारोप

यह चुनाव काफ़ी विवादास्पद रहा है, ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना और बीजेपी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने शिवसेना के अधिकारियों पर क्रेडिट सोसाइटी के पैसों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है, जिसमें बंगले, कार, कार्यालय और जमा राशि से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं.

आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इन दावों की जांच भी शुरू कर दी है. दूसरी ओर, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीजेपी पर चुनाव से पहले उत्कर्ष पैनल के समर्थकों को हज़ारों रुपये की रिश्वत का लालच देने का आरोप लगाया है.

बेस्ट सोसाइटी पर ठाकरे परिवार का कब्जा

दोनों पैनलों ने 35 मतदान केंद्रों पर 21-21 उम्मीदवार उतारे थे. 15,093 पंजीकृत मतदाताओं में से 83.69% ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले ठाकरे ब्रदर्स के बेस्ट के जरिए एकजुट होने से इस चुनाव ने काफ़ी सुर्खियां बंटोरी हैं.

ये भी पढ़ें: दोनों ठाकरे मिल जाएं तो कितने पावरफुल हो सकते हैं? क्या कहता है वोट प्रतिशत-सीटों का आंकड़ा

ठाकरे परिवार के नेतृत्व में शिवसेना पिछले नौ साल से बेस्ट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी पर कंट्रोल रखती है. क्या वे इस प्रभुत्व को बरकरार रखेंगे या बीजेपी का पैनल विजयी होगा, यह दिलचस्प रहेगा, क्योंकि इसका नतीजा मुंबई के राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है.

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साथ चुनाव लड़ेंगे ठाकरे ब्रदर्स

पिछले दिनों शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस बीएमसी और अन्य निकाय चुनावों में साथ मिलकर लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ बीएमसी चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि दोनों पार्टियां नासिक और ठाणे के साथ ही कल्याण डोंबिवली चुनाव भी साथ में लड़ेंगी.

संजय राउत ने कहा कि ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने का मकसद मराठी मतदाताओं को एकजुट करना है. उन्होंने कहा कि ठाकरे ब्रदर्स की संयुक्त ताकत मराठी लोगों की एकता का प्रतिनिधित्व करती है और इसे कोई भी ताकत नहीं तोड़ सकती है.

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