'हम झोपड़पट्टी वाले, बेटी पर बहुत प्राउड होता था...' फ्लाइट क्रैश में एयर होस्टेस पिंकी को खोकर टूटे पिता

उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक छोटे से गांव की बेटी पिंकी माली ने मेहनत के दम पर आसमान तक का सफर तय किया था. प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में एयर होस्टेस के तौर पर काम करने वाली पिंकी की पढ़ाई महाराष्ट्र के ठाणे में हुई, बाद में परिवार मुंबई में बस गया. पिता कहते हैं- हम झोपड़पट्टी वाले हैं, बेटी पर बहुत गर्व होता था. अजित पवार के विमान हादसे में पिंकी की भी जान चली गई.

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एयर होस्टेस पिंकी की मौत पर परिवार में मातम. (Photo: ITG) एयर होस्टेस पिंकी की मौत पर परिवार में मातम. (Photo: ITG)

विद्या

  • मुंबई/जौनपुर,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

उत्तर प्रदेश के जौनपुर के भैंसा गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा. जिस गांव की बेटी पर लोगों को नाज था, वही बेटी एक भीषण विमान हादसे में हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई. प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में एयर होस्टेस के तौर पर काम कर रहीं पिंकी माली की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर आंख नम हो गई. हादसा महाराष्ट्र के बारामती में हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

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पिंकी माली जौनपुर के भैंसा गांव की रहने वाली थीं. परिवार के मुताबिक, वह पिछले कई वर्षों से मुंबई में रहकर एविएशन सेक्टर में काम कर रही थीं. बुधवार सुबह जब खबर आई कि अजित पवार का निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, इसी हादसे में पिंकी माली भी शामिल थीं. जैसे ही ये खबर सामने आई, परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई.

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पिंकी के पिता शिवकुमार माली खुद एनसीपी से जुड़े रहे हैं, बेटी को खोने के गम से पूरी तरह टूट चुके हैं. कांपती आवाज में उन्होंने कहा कि हम झोपड़पट्टी वाले हैं, मेरी बेटी ने जो किया, उस पर मुझे बहुत प्राउड था. आठ साल से वो एयर होस्टेस के तौर पर काम कर रही थी. पहले तीन साल अंधेरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रही, फिर उसका प्रमोशन हुआ और वो कलीना सांताक्रूज में प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में काम करने लगी.

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पिता ने बताया कि पिंकी ने मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई थी. वह बीते पांच वर्षों से प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट्स में तैनात थी और देश के कई बड़े नेताओं व वीआईपी के साथ उड़ान भर चुकी थी. वो चार बार अजित दादा पवार के साथ फ्लाइट जा चुकी थी. देवेंद्र फडणवीस के साथ गई, बावन कुले के साथ गई, प्रहलाद मोदी (प्रधानमंत्री के भाई) के साथ भी गई. यहां तक कि राष्ट्रपति के साथ भी उसने प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में ड्यूटी की थी.

यह भी पढ़ें: ट्वीट से हादसे तक... महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के प्लेन क्रैश की पूरी कहानी

हादसे से ठीक एक दिन पहले पिंकी ने अपने पिता से फोन पर बात की थी. कॉल पर पिंकी के शब्द थे- 'पप्पा, मैं अजित दादा पवार के साथ बारामती जाऊंगी, उनको ड्रॉप करके नांदेड़ चली जाऊंगी. फिर फ्री होकर होटल से फोन करूंगी.' पिता कहते हैं कि सुबह जब खबर आई कि अजित दादा का फ्लाइट क्रैश हो गया. हाथ-पैर कांपने लगे. जैसे ही पिंकी का नाम आया, सब खत्म हो गया.

परिवार के अनुसार, पिंकी हाल ही में मालदीव की फ्लाइट ड्यूटी से लौटी थीं. काम में उनका रिकॉर्ड शानदार था और प्रमोशन भी मिला था. पिता कहते हैं कि बेटी पर गर्व होता था.

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पिंकी की पढ़ाई महाराष्ट्र के ठाणे में हुई थी. जौनपुर में रह रहे गांव वालों का कहना है कि उनके पिता कई साल पहले परिवार के साथ मुंबई चले गए थे, लेकिन गांव से उनका नाता कभी नहीं टूटा. गांव के प्रधान राजू पाल बताते हैं कि पिंकी हर साल दुर्गा पूजा के समय गांव जरूर आती थीं. वो पूजा-पंडाल के इंतजाम में हिस्सा लेती थीं. गांव से उनका जुड़ाव बहुत गहरा था.

पिंकी की शादी करीब एक साल पहले गोरखपुर में हुई थी. शादी, करियर में ऊंची उड़ान और परिवार के बड़े सपने... सब कुछ एक झटके में खत्म हो गया.

जिस विमान में पिंकी सवार थीं, उसमें कुल पांच लोग थे- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पायलट सुमित कपूर, को-पायलट सांभवी पाठक, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और एयर होस्टेस पिंकी माली... सभी की मौके पर ही मौत हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक लैंडिंग के वक्त विमान लड़खड़ाया और फिर गिरने के बाद धमाकों के साथ आग की लपटों में घिर गया. हादसे के कारणों की जांच जारी है.

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(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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