एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा कल्याण-डोंबिवली में मेयर चुनाव के लिए शिवसेना यूबीटी के चार पार्षदों को कथित तौर पर अपने पाले में करने की कोशिश की जा रही है. कल्याण-डोंबिवली नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ये चार नवनिर्वाचित पार्षद अपने आवास से लापता हैं और उनका फोन भी बंद आ रहा है.
15 जनवरी को हुए मतदान में शिंदे गुट को 53 और बीजेपी को 50 सीटें मिली हैं, जबकि मेयर पद के लिए 62 का जादुई आंकड़ा जरूरी है. उद्धव गुट के 11 पार्षदों में से चार के लापता होने से पोचिंग की चर्चाएं तेज हैं. इन पार्षदों ने सोमवार को कल्याण पार्टी कार्यालय में हुई ग्रुप लीडर के चुनाव की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया.
आजतक की टीम ने गायब पार्षदों के घर पहुंचकर परिजनों और पार्टी नेताओं से बात की है. फिलहाल, गायब पार्षदों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है.
गायब पार्षद और परिजनों के दावे
कल्याण के खेडेगोलाली इलाके से उद्धव गुट के टिकट पर जीते मधुर म्हात्रे चुनाव नतीजों के बाद से ही गायब हैं. उनके पिता उमेश म्हात्रे ने आजतक को बताया कि उनका बेटा परिवार के संपर्क में है, लेकिन वह लोकेशन नहीं बता सकते. उन्होंने शिंदे गुट के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार किया है. इसी तरह डोंबिवली की नवनिर्वाचित पार्षद कीर्ति ढोणे भी अपने घर पर नहीं हैं और स्थानीय निवासियों को भी उनकी जानकारी नहीं है. दो अन्य पार्षदों का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है.
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पार्टी की चेतावनी और 'एक्शन' का डर
पार्षदों की गैर-मौजूदगी पर शिवसेना यूबीटी के कल्याण शहर अध्यक्ष बाला परब ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी कुछ पार्षदों के संपर्क में है और शायद किसी कारणवश वे बाहर गए हों, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे मौजूद रहेंगे. परब ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये पार्षद शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो पार्टी उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.
दिव्येश सिंह