'बालासाहेब को ट्रिब्यूट...', शिंदे सेना ने मांग लिया BMC मेयर पद, क्या बीजेपी से बन पाएगी बात?

मुंबई महानगर पालिका (BMC) में नतीजों के बाद अब मेयर पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संकेत दिया है कि शिवसैनिक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती के मौके पर शिवसेना का मेयर देखना चाहते हैं, जबकि गठबंधन में शामिल बीजेपी के साथ इस मुद्दे पर बहस जारी है.

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एकनाथ शिंदे चाहते हैं कि बीएमसी के मेयर पद पर एक शिवसैनिक बैठे (File Photo: ITG) एकनाथ शिंदे चाहते हैं कि बीएमसी के मेयर पद पर एक शिवसैनिक बैठे (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:28 PM IST

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शिवसैनिकों की भावना है कि बालासाहेब ठाकरे के जन्मशती वर्ष में शिवसेना का मेयर बनना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी. पिछले हफ्ते घोषित हुए बीएमसी चुनाव नतीजों में बीजेपी और शिवसेना के महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है, जिसमें बीजेपी ने 89 और शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं. 

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एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई और ठाणे सहित उन सभी नगर निगमों में महायुति का ही मेयर बनेगा जहां गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था. उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के साथ किसी भी नए राजनीतिक समीकरण की खबरों को खारिज कर दिया है. 

शिंदे का कहना है कि मुंबई की जनता ने गठबंधन पर भरोसा जताया है और उसी जनादेश का सम्मान किया जाएगा. मौजूदा वक्त में शिवसेना के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को एक होटल में रखा गया है, जिसे पार्टी ने केवल एक ओरिएंटेशन वर्कशॉप बताया है.

बालासाहेब की जन्मशती और शिवसेना का दावा

एकनाथ शिंदे ने जोर देकर कहा कि 23 जनवरी से बालासाहेब ठाकरे का जन्मशती वर्ष शुरू हो रहा है. इस मौके पर शिवसैनिकों की मांग है कि देश की सबसे अमीर नगर निगम का नेतृत्व शिवसेना के हाथ में हो. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिंदे पहले ढाई साल के लिए शिवसेना का मेयर चाहते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है, इसलिए मेयर पद का फैसला आपसी सहमति से होगा.

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बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना के 29 पार्षदों को मुंबई के एक आलीशान होटल में शिफ्ट किए जाने से सियासी हलचल तेज हो गई है. विपक्षी नेता उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना को बीजेपी का डर सता रहा है, इसलिए उन्हें छिपाया गया है. हालांकि, शिंदे गुट का आधिकारिक रुख यह है कि पार्षदों को नगर निगम की कार्यप्रणाली और नियमों के बारे में जानकारी देने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है.

यह भी पढ़ें: क्‍यों बीएमसी मेयर पद को लेकर एक हद से आगे नहीं जा पाएंगे एकनाथ शिंदे

संजय निरुपम का पलटवार और विपक्ष पर निशाना

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया पर कहा कि मुंबई का अगला मेयर महायुति से ही होगा. उन्होंने उद्धव ठाकरे के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने 'ईश्वर ने चाहा तो' यूबीटी का मेयर बनने की बात कही थी. निरुपम ने कहा कि मुंबई की जनता ने यूबीटी के 27 साल के भ्रष्टाचार को नकार दिया है और उन्हें विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है. उन्होंने कहा कि महायुति को मेयर चुनने के लिए विपक्ष के वोटों की जरूरत नहीं है.

आरक्षण लॉटरी और सत्ता का संघर्ष

मेयर पद के चुनाव की तारीखों को लेकर मचे घमासान पर निरुपम ने कहा कि जब तक मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक चुनाव नहीं हो सकते. दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता हर्षल प्रधान ने बीजेपी और शिंदे गुट को 'सत्ता का भूखा' करार दिया है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को अपनी आंतरिक लड़ाई खुद लड़नी चाहिए और इस राजनीतिक खेल में शिवसेना (UBT) को घसीटने से बचना चाहिए.

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