महाराष्ट्र के जालना शहर की रहने वाली ऑफशोर इंजीनियर उत्कर्षा इंगले इस समय अबूधाबी में फंसी हुई हैं. वह वहां एक निजी कंपनी में पिछले करीब तीन वर्षों से नौकरी कर रही हैं. मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के कारण उनके माता-पिता गहरी चिंता में हैं. हालांकि परिवार से बातचीत में उत्कर्षा ने खुद को सुरक्षित बताया है, लेकिन क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने परिजनों की बेचैनी बढ़ा दी है.
बेटी के वहां रहने से बढ़ी परिवार की चिंता
आपको बता दें कि हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए जाने की खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि राजधानी तेहरान सहित कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. उत्कर्षा जिस इलाके में रह रही हैं, वहां से कुछ दूरी पर अमेरिकी सैन्य ठिकाना होने की जानकारी है.
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ईरान ने उन जगहों पर हवाई हमले किए. जिसके बाद तेज धमाके और धुएं के गुबार देखे गए. इन घटनाओं के दृश्य उत्कर्षा के निवास स्थान के आसपास से दिखाई देने की बात सामने आई है. जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई. उत्कर्षा के पिता भीमराव इंगले, जो जालना के वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि भारत सरकार इस तनावपूर्ण स्थिति में मध्यस्थ की भूमिका निभाए और मध्यपूर्व में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे.
उत्कर्षा की मां हुईं भावुक
जालना जिला प्रशासन ने इंगले परिवार से संपर्क साधकर स्थिति की जानकारी ली है और भरोसा दिलाया है कि पूरी परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने यह भी बताया कि भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियां क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क हैं. उत्कर्षा की मां शारदा इंगले ने भावुक होते हुए कहा कि बेटी दूर देश में है, इसलिए स्वाभाविक रूप से चिंता होती है.
हालांकि बेटी से लगातार संपर्क में रहने से थोड़ी राहत जरूर है. उन्होंने बताया कि हाल ही में फोन पर बात हुई थी और उत्कर्षा ने खुद को सुरक्षित बताया है. फिलहाल परिवार को बेटी की सुरक्षित वापसी का इंतजार है और वे केंद्र सरकार से जल्द सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहे हैं.
गौरव विजय साली