इनाम 80 लाख, शर्त वही... श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को फिर दी चुनौती, नागपुर के 'दिव्य दरबार' पर टिकी सबकी नजरें

नागपुर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और श्याम मानव के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है. 80 लाख की चुनौती, दिव्य दरबार और अंधश्रद्धा के आरोपों के बीच माहौल गरमा गया है. क्या साबित होगा 'चमत्कार' या जीतेंगे 'तर्क'? पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

Advertisement
बागेश्वर बाबा vs श्याम मानव की जुबानी जंग फिर तेज.(Photo:Screengrab) बागेश्वर बाबा vs श्याम मानव की जुबानी जंग फिर तेज.(Photo:Screengrab)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्याध्यक्ष श्याम मानव के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोप की जुबानी जंग तेज हो गई है. नागपुर के रेशिमबाग में 25 से 30 अप्रैल तक बागेश्वर महाराज के रामकथा का आयोजन किया गया है.

इस बीच धीरेंद्र शास्त्री की दी गई खुली चुनौती के बाद इस मामले ने सामाजिक स्तर पर बड़ी हलचल पैदा कर दी है. श्रद्धा बनाम अंधश्रद्धा के मुद्दे पर राज्यभर में फिर से चर्चा शुरू हो गई है.

Advertisement

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन के दौरान विरोधियों को सीधी चुनौती दी और कहा, ''मैं अगले पांच दिन नागपुर में ही हूं. किसी को कोई शंका है तो यहां आकर प्रत्यक्ष देखे. दो दिन दिव्य दरबार लगेगा. मेरे पास जो विद्या और शक्ति है, उसका मैं प्रदर्शन करूंगा.'' 

साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ''बाद में कोई यह न कहे कि ‘बाबा भाग गए.'' खुद को जादूगर नहीं बताते हुए उन्होंने अपने कार्य को ईश्वर प्रेरित मार्गदर्शन बताया.

बागेश्वर महाराज के चुनौती के बाद अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रमुख श्याम मानव ने भी इस चुनौती का जोरदार जवाब दिया है. उन्होंने पहले ही धीरेंद्र शास्त्री को चमत्कार साबित करने की चुनौती दी थी. शुरुआत में 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दिया गया है.

Advertisement

श्याम मानव ने कहा कि दिव्य दरबार में दिखाए गए वीडियो के आधार पर ही यह चुनौती दी जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि धीरेंद्र शास्त्री किसी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और उसके घर की वस्तुओं का सही स्थान बताकर दिखाएं. साथ ही पत्रकारों के सामने दस अनजान लोगों की पहचान करें या पास के कमरे में रखी वस्तुओं को सही-सही पहचानें. अगर वे 90 प्रतिशत सटीकता साबित करते हैं, तो अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति को बंद करने और बागेश्वर महाराज के अनुयायी बनने की भी हमारी तैयारी है. हालांकि, उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि उनके पास कोई दिव्य शक्ति नहीं है, वे केवल लोगों को भ्रमित कर रहे हैं.

इस विवाद से नागपुर में माहौल गर्म हो गया है और लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है. एक ओर श्रद्धा और अध्यात्म का मुद्दा है, तो दूसरी ओर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई. इस कारण यह विवाद केवल दो व्यक्तियों तक सीमित न रहकर व्यापक सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement