कोंकण रेलवे के 17 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी शुरू

कोंकण रेलवे के सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे चप्पे पर निगरानी शुरू कर दी गई है. रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने आईपी आधारित वीडियो सर्विलांस सर्विस को हरी झंडी दिखा दी है.

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कोंकण रेलवे के सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर कोंकण रेलवे के सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर

सिद्धार्थ तिवारी / अमित रायकवार

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

कोंकण रेलवे के सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे चप्पे पर निगरानी शुरू कर दी गई है. रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने आईपी आधारित वीडियो सर्विलांस सर्विस को हरी झंडी दिखा दी है. कोंकण रेलवे के सीसीटीवी निगरानी वाले स्टेशन हैं कोलाड, मनगांव, खेड़, चिपलुन, रत्नागिरी, कनकावली, कुडल, सिंधुदुर्ग, सावंतवडी, परनेम, करमाली, कनकोना, कारवार, गोकर्ण, भटकल, उडपी और सूरथकल. इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी सर्विलांस का सेंट्रल कंट्रोल रूम मडगांव में बनाया गया है.

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कोंकण रेलवे के 17 स्टेशनों पर लगेंगे CCTV कैमरे
के 17 स्टेशनों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अत्याधुनिक तकनीक के हैं. स्टेशनों पर गेट, लॉबी, प्लेटफॉर्म, टिकट बुकिंग विंडो से लेकर तमाम ऐसी जगहों पर कैमरे लगाए गए हैं, जहां पर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की आवाजाही है. स्टेशन पर जगह लिखा गया है कि सावधान आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं. हर एक स्टेशन पर 12 से लेकर फिक्स्ड डोम टाइप और फिक्सड बॉक्स बुलेट टाइप कैमरे लगाए गए हैं. खास बात ये है कि इन सभी कैमरों में रिकॉर्ड फुटेज 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जा सकती है. इन सभी कैमरों से रिकॉर्ड हुआ फुटेज नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर के जरिए सेंट्रल कंट्रोल रूम में देखा जा सकेगा. सभी स्टेशनों पर कैमरों के जरिए लाइव निगरानी स्टेशन मास्टर के ऑफिस से रखी जाएगी. इसके लिए एलईडी मॉनीटर लगाए गए हैं.

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मडगांव में बनेगा कंट्रोल रूम
मडगांव में सीसीटीवी कंट्रोल रूम में 42 इंच के 19 एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं. इन स्क्रीनों पर 17 स्टेशनों के सभी कैमरों से आ रहे लाइव फुटेज को देखा जा सकता है. खास बात ये है कि इस सारी सुविधा के लिए डेडीकेटेड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है. इसका सीधा सा मतलब ये हुआ कि कोंकण रेलवे के सभी स्टेशनों पर 24 घंटों बर वक्त कोने-कोने पर नजर रखी जाएगी. जिससे किसी बुरी नजर से रेलयात्रियों को समय रहते बचाया जा सकेगा.

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