महाराष्ट्र की सियासत में अंधविश्वास और कथित काले जादू को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. भतीजे रोहित पवार ने शुक्रवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आवास के पास कथित काले जादू की घटनाओं की गहन जांच की मांग की है. रोहित पवार ने कहा कि पिछले साल पुणे जिले के भिगवण रोड स्थित सहयोग सोसाइटी और मुंबई के देवगिरी बंगले के आसपास कथित रूप से अंधविश्वास से जुड़े अनुष्ठान किए गए थे, जो बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि एक प्रगतिशील राज्य जैसे महाराष्ट्र में इस तरह की गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने नवंबर 2025 में हुए कथित काले जादू के अनुष्ठानों पर सवाल खड़े करते हुए विस्तृत जांच की मांग की.
मिटकरी ने दावा किया कि ये अनुष्ठान नासिक के एक स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात के 'शिवलिका आश्रम' से जुड़े हो सकते हैं. उन्होंने खारत को 'फर्जी बाबा' बताते हुए उसके संभावित संबंधों पर भी सवाल उठाए.
साथ ही, मिटकरी ने यह भी पूछा कि 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में अजित पवार की यात्रा योजना अचानक क्यों बदली गई. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 27 जनवरी को सड़क मार्ग से पुणे जाने का कार्यक्रम तय था, तो फिर अगले दिन विमान यात्रा किसके कहने पर की गई.
28 जनवरी को हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद अब काले जादू और अंधविश्वास से जुड़े आरोपों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है.
इधर, अशोक खरात को नासिक में एक महिला के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
रोहित पवार ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की कड़ी-दर-कड़ी जांच कर यह पता लगाया जाए कि इन कथित अनुष्ठानों के पीछे कौन लोग थे और उनका राजनीतिक उद्देश्य क्या था.
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