महाराष्ट्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को बाबा बताने वाले अशोक खरात पर गंभीर आरोप लगे हैं. जांच में सामने आया है कि उन्होंने जैन समुदाय के कुछ व्यापारियों को धोखा देकर मछली को समुद्री पौधा बताकर खाने के लिए राजी किया. बताया जा रहा है कि खरात ने अपने अनुयायियों को यह विश्वास दिलाया कि समुद्री वनस्पति का सेवन करने से व्यापार में तरक्की होगी और जीवन में समृद्धि आएगी.
जांच अधिकारियों के अनुसार, एक 46 वर्षीय जैन व्यवसायी करीब छह साल तक खरात के संपर्क में रहा. इस दौरान वह नियमित रूप से उनके पास धार्मिक अनुष्ठान कराने जाता रहा और अनजाने में मछली का सेवन करता रहा. उसे यह बताया गया था कि यह कोई जीव नहीं बल्कि समुद्र में उगने वाला एक पौधा है.
खरात ने अपने अनुयायियों को भ्रमित करने के लिए यह भी कहा कि मछली में हड्डियां नहीं होतीं और वह खून भी नहीं बहाती, इसलिए उसे पौधे की तरह ही माना जाना चाहिए. इस तरह के तर्क देकर उन्होंने कई लोगों को गुमराह किया और उनसे लाखों रुपये भी वसूले.
जैन व्यापारियों को बनाया निशाना
मामले की जांच कर रही एजेंसियों का कहना है कि यह सिर्फ धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है. पुलिस के अनुसार, कई बड़े व्यापारी भी उनसे अपने व्यापार और भविष्य को लेकर सलाह लेने आते थे, जिससे उनका प्रभाव लगातार बढ़ता गया.
इस केस से जुड़े एक अन्य पहलू में आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार का मामला भी सामने आया है. राज्यभर में इस संबंध में 100 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. विशेष जांच टीम ने सोशल मीडिया से ऐसे करीब 3,500 लिंक हटाए हैं, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी.
आपत्तिजनक वीडियो और यौन उत्पीड़न के मामलों से बढ़ी मुश्किलें
पुलिस ने अशोक खरात को 17 मार्च को नासिक से गिरफ्तार किया था. अब तक उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और आगे भी कई खुलासे हो सकते हैं. यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और धार्मिक विश्वास के नाम पर हो रहे धोखे को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है.
ओमकार