FTII में दो दिन गुजारने के बाद खाली हाथ लौटे अभिनेता अनुपम खेर

अभिनेता अनुपम खेर ने मंगलवार को आजतक से विशेष बातचीत में कहा कि आंदोलन ख़त्म करने के लिए FTII के छात्रों के साथ हो रही बातें सकारत्मक नतीजे की ओर बढ़ रही हैं.

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अनुपम खेर अनुपम खेर

पंकज खेळकर

  • पुणे,
  • 18 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 5:21 AM IST

अभिनेता अनुपम खेर ने मंगलवार को आजतक से विशेष बातचीत में कहा कि आंदोलन ख़त्म करने के लिए FTII के छात्रों के साथ हो रही बातें सकारत्मक नतीजे की ओर बढ़ रही हैं.

जब खेर को बताया गया कि FTII प्रशासन की ओर से मांगे स्वीकार किए जाने तक छात्र आंदोलन खत्म करके क्लास लौटने को तैयार नहीं हैं, तो उन्होंने कहा, 'चलने दीजिये न आंदोलन...छात्र हैं और छात्रों की मांगे सही होती हैं. आप भी एक जमाने में छात्र रहे हैं. हम भी छात्र रहे हैं, तो उनके पॉइंट ऑफ व्यू से सिखना और उनको सुनना जरूरी है.'

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पिछले दो दिनों से छात्रों की मांग को लेकर सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं. हालांकि जब अनूपम खेर से सवाल किया गया कि क्या आपकी सकारात्मकता का मतलब यह निकाला जाए कि FTII प्रशासन ने छात्रों की मांगों को मान लिया है, तो इस पर उन्होंने कहा कि इसकी आधिकारिक घोषणा मीडिया के माध्यम से नहीं की जाएगी.

छात्रों के साथ नए चेयरमैन की मास्टर क्लास

अनुपम खेर ने बताया के छात्रों के साथ दो दिन बहुत ही अच्छे गुजरे. मास्टर एक्टिंग क्लास में उन्हें बतौर टीचर छात्रों से बहुत कुछ सीखने को मिला. अभिनेता ने कहा कि FTII में 39 सालों बाद आना बेहद सुखद अनुभव है. छात्रों के साथ मॉक शूटिंग की गई. जिस तरह हकीकत में शूटिंग होती है, उसी तरह कैमरामैन, डायरेक्टर...सभी को इस मॉक शूटिंग का अनुभव मिला.

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साल 2016 छात्रों को बुलाने के सवाल पर भड़के

अभिनेता से जब पूछा गया कि आखिर साल 2016 के छात्रों को क्यों नहीं बुलाया गया, तो वह भड़क गए. उन्होंने कहा कि जब आर्टिस्ट थ्रिएटर में परफॉर्म करता है, तो ये नहीं देखता कि सामने कितने लोग बैठे हैं. हाउस फुल नहीं होगा, तो ड्रामा नहीं शुरू होगा? मैं तो तीन लोगों के सामने भी परफॉर्म कर सकता हूं. ये क्लास सभी के लिए खुली थी, जिन्हें आना था वो आये.

मीडिया से किया अनुरोध

ने मीडिया से अनुरोध किया कि मीडिया को सिर्फ बात ही आगे नहीं बढ़ानी चाहिए, बल्कि छात्रों के संघर्ष को खत्म करने के हिसाब से रिपोर्टिंग करनी चाहिए.

इस बाबत उदाहरण देते हुए खेर ने कहा कि हर घर और हर संस्था में लोग अपनों से नाराज रहते है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि माता-पिता अपने उन बच्चों को छोड़ देते हैं, जो बच्चे उन पर किसी वजह से नाराज रहते हैं.

वैसे ही मीडिया को भी अब अपनी सकारात्मक भूमिका अदा करनी चाहिए. नए चेयरमैन खेर दो दिनों के लिए FTII आये थे. हालांकि छात्रों ने उनको खाली हाथ ही लौटा दिया. अभी तक मामला सुलझा नहीं हैं और अब भी 47 छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.

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