महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरुड थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 16 वर्षीय किशोरी के साथ उसके ही माता-पिता द्वारा सख्त और अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है. मामला उस समय सामने आया जब डरी-सहमी किशोरी खुद पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस में दर्ज बयान के अनुसार, माता-पिता ने यह कदम इस आशंका के चलते उठाया कि उनकी बेटी युवावस्था में प्रवेश कर रही है और कहीं वह किसी युवक की नजर में न आ जाए. इसी डर के कारण उन्होंने अपनी ही बेटी के साथ कठोर व्यवहार किया.
पीड़िता ने बताया कि उसके माता-पिता ने जबरन उसका सिर मुंडवा दिया. जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई. इतना ही नहीं, उसे घर के अंदर ही सीमित कर दिया गया और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई. इस पूरे घटनाक्रम से किशोरी मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई. हिम्मत जुटाकर किशोरी सीधे वरुड पुलिस थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने 21 अप्रैल को उसके माता-पिता के खिलाफ बाल न्याय (देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया है.
जवान होती बेटी पर नजर का डर
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से पीड़िता के स्पष्ट बयान के आधार पर की गई है. वहीं प्राथमिक जांच में एक और बात सामने आई है कि किशोरी को थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए उसकी मां ने ही भेजा था. इसके बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ. वरुड थाना प्रभारी अर्जुन ठोसरे ने बताया कि पीड़िता की सुरक्षा और देखरेख को ध्यान में रखते हुए उसे सरकारी बाल निरीक्षण गृह में भेजा गया है. वहां उसकी देखभाल की जा रही है ताकि वह सुरक्षित माहौल में रह सके.
पुलिस घटना के पीछे कारणों की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं. यह मामला समाज में बच्चों के प्रति व्यवहार और उनके अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े करता है. पुलिस ने साफ किया है कि कानून के तहत हर बच्चे की सुरक्षा और सम्मान जरूरी है, और किसी भी तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
धनंजय बलिराम साबले