महाराष्ट्र में अमरावती के परतवाड़ा सेक्स स्कैंडल को लेकर नया मोड़ सामने आया है. इस केस में पहली नाबालिग पीड़िता सामने आई है. उसने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है. अब पूरे मामले की जांच और तेज कर दी गई है. स्पेशल जांच टीम (SIT) लगातार नए सुराग खंगाल रही है. इस मामले को लेकर अन्य पीड़ितों से भी अपने बयान दर्ज कराने की अपील की जा रही है. शनिवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले अमरावती पहुंचे, उन्होंने अफसरों के साथ इस पूरे मामले को लेकर मीटिंग भी की.
नाबालिग पीड़िता नागपुर की रहने वाली है. उसने पुलिस से संपर्क कर आपबीती साझा की है. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इससे मामले की कई अनसुलझी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है.
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब 11 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें नाबालिग लड़कियों के साथ शोषण की बातें सामने आईं. इसके बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की.
जांच आगे बढ़ी तो अमरावती के परतवाड़ा क्षेत्र से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है. इस मामले में पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं, जिनमें 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और एक टैबलेट शामिल हैं. इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय निगरानी शुरू कर दी है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की, इस बैठक में सीनियर पुलिस अधिकारी, SIT प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.
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मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और सभी संभावित पीड़ितों को सामने लाने के प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.
फ्लैट, कैफे में लड़कियों को बुलाते थे आरोपी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर बुलाकर उनका शोषण किया. इनमें किराए के फ्लैट, कुछ कैफे और एक गार्डन शामिल है. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जो कई जगहों पर सक्रिय था.
इस बीच, जांच टीम ने सोशल मीडिया पर फैलाए गए आपत्तिजनक कंटेंट को भी हटाने की कार्रवाई शुरू की है. अब तक करीब 41 सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट किया जा चुका है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से वीडियो और फोटो फैलाने के लिए किया जा रहा था.
SIT अब इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल और फिजिकल ट्रेल की जांच कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक या दो आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है.
इस मामले में पीड़िता का सामने आना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब जांच एजेंसियों के पास प्रत्यक्ष बयान और ठोस आधार मौजूद हैं. फिलहाल पूरा ध्यान SIT की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है, जिससे यह तय होगा कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है.
धनंजय साबले