महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक बारामती विमान हादसे की जांच के बीच डीजीसीए ने VSR वेंचर्स के चार विमानों के संचालन पर रोक लगाते हुए उन्हें 'ग्राउंड' (उड़ान भरने पर पाबंदी) करने का फैसला किया है. यह कार्रवाई बारामती हादसे के बाद किए गए स्पेशल ऑडिट और निगरानी के दौरान मिली गंभीर खामियों के आधार पर की गई है.
दरअसल, 28 जनवरी को VSR वेंचर्स का लियरजेट 45 बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद DGCA ने कंपनी के परिचालन, रखरखाव मानकों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की व्यापक जांच शुरू की थी. सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई तकनीकी और प्रक्रियागत खामियों के संकेत मिले हैं, जिसके चलते एहतियातन चार विमानों को अस्थायी रूप से उड़ान भरने से रोका जाएगा.
इस बीच, विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) अपनी स्वतंत्र जांच कर रहा है. AAIB हादसे के तकनीकी कारणों, पायलट की प्रतिक्रिया, एयर ट्रैफिक कंट्रोल समन्वय और मौसम संबंधी कारकों सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है. ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण भी जांच का अहम हिस्सा है.
DGCA की प्रस्तावित कार्रवाई को विमानन सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है. नागरिक उड्डयन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि किसी भी चार्टर या निजी विमान ऑपरेटर के लिए सुरक्षा मानकों से समझौता गंभीर परिणाम ला सकता है. यदि विशेष ऑडिट में रखरखाव, उड़ान समय सीमा या नियामकीय अनुपालन में कमी पाई गई है, तो ग्राउंडिंग जैसी कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है.
हालांकि, DGCA की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान अभी आना बाकी है, लेकिन संकेत साफ हैं कि बारामती हादसे को हल्के में नहीं लिया जाएगा. जांच पूरी होने तक VSR वेंचर्स के संचालन पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी.
अमित भारद्वाज