मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी उठापटक चल रही है. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ऑपरेशन लोटस के कारण सत्ताधारी कांग्रेस के चार विधायक विरोधी खेमे में नजर आ रहे हैं. वहीं, गुरुवार की रात मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर हुए सियासी घटनाक्रम ने भाजपा के खेमे में बेचैनी पैदा कर दी है.
मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर भाजपा विधायक संजय पाठक, नारायण त्रिपाठी और शरद कोल पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल के साथ पहुंचे थे. अब, यह खबर सार्वजनिक होने के बाद संजय पाठक ने कमलनाथ से अपनी मुलाकात की खबरों का खंडन किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार संजय पाठक ने कहा है कि वे कमलनाथ से नहीं मिले.
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भाजपा विधायक संजय पाठक ने इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि गुरुवार की रात उनका अपहरण करने की कोशिश की गई. पाठक ने कहा कि इस राजनीतिक खेल में मेरा अपहरण नहीं हुआ और हत्या नहीं हुई. पाठक ने कहा कि मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भाजपा का अंग था, भाजपा का अंग हूं और हमेशा रहूंगा.
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बता दें कि संजय पाठक के लगभग डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर रहने की खबर थी. पाठक का नाम हॉर्स ट्रेडिंग में जुटे भाजपा नेताओं की सूची में लिया जा रहा था. हॉर्स ट्रेडिंग में पाठक का नाम आने के बाद उनकी जबलपुर और कई अन्य खदानों पर भी छापेमारी की खबरें आई थीं.
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