MP: विधानसभा चुनाव के लिए तैयार BJP का सोशल मीडिया 'वॉर रूम'

मध्य प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा व्हाट्सऐप यूजर के डेटा बीजेपी के पास है, जिसके चलते किसी भी मेसेज को महज़ एक घंटे में पूरे मध्य प्रदेश में वायरल किया जा सकता है. विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी के भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में बने वॉर रूम में अलग-अलग शिफ्ट में काम चल रहा है.

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बीजेपी का वॉर रूम (फोटो- रवीश पाल सिंह) बीजेपी का वॉर रूम (फोटो- रवीश पाल सिंह)

राम कृष्ण / रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 18 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 10:56 PM IST

मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दल सिर्फ ज़मीन पर कम और सोशल मीडिया पर ज्यादा लड़ रहे हैं. बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार हो रही खींचतान भी इसका इशारा कर रही है. फिलहाल एक आंकड़े के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब 3 करोड़ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें साधने में बीजेपी लंबे वक्त से लगी हुई है.

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बीजेपी की आईटी और सोशल मीडिया टीम के संयोजक शिवराज डाबी के मुताबिक मध्य प्रदेश में डेढ़ करोड़ फेसबुक यूजर्स हैं और करीब 5 लाख ट्विटर यूजर हैं, लेकिन इन सबसे ज्यादा संख्या प्रदेश में व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वालों की है. डाबी के मुताबिक मध्य प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा वॉट्सऐप यूजर के डेटा बीजेपी के पास है, जिसके चलते किसी भी मेसेज को महज़ एक घंटे में पूरे मध्य प्रदेश में वायरल किया जा सकता है. विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी के भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में बने वॉर रूम में अलग-अलग शिफ्ट में काम चल रहा है.

वॉर रूम में बैठा हर शख्स कम्प्यूटर स्क्रीन या मोबाइल पर नज़र गढ़ाए बैठा रहता है. लैपटॉप पर उंगलियां तेज़ी से चल रही हैं. ये नए जमाने का युद्ध है, जो आमने-सामने नहीं, बल्कि छुप-छुपकर इंटरनेट पर लड़ा जा रहा है. बीजेपी की आईटी और सोशल मीडिया टीम के संयोजक शिवराज डाबी के मुताबिक दिन की शुरुआत एजेंडा तय करने के साथ होती है.

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इस वॉर रूम में बैठकर प्रदेश भर के प्लेटफॉर्म में वायरल हो रही चीजों पर नज़र रखी जाती है. किसी की ज़िम्मेदारी फेसबुक पर नज़र बनाए रखने की है, तो किसी पर ट्विटर का ट्रेंडिंग टॉपिक तय करने की जिम्मेदारी है. लेकिन इन सब के बीच जो सबसे ज्यादा जरूरी चीज है, वो है सामने वाले को कमज़ोर न आंकना.

में यदि बीजेपी और उसके नेताओं की छवि को सोशल मीडिया में चमकाया जाता है, तो वहीं विपक्षी दल के नेताओं के सोशल मीडिया एकाउंट पर भी पैनी निगाह रखी जाती है, ताकि उनकी हर एक गतिविधि मालूम रहे और गलती पकड़ में आते ही इंटरनेट पर उसे न सिर्फ वायरल किया जाए, बल्कि कोशिश यह भी होती है कि उसे ट्रेडिंग टॉपिक भी बनाया जाए.

फिलहाल 50 लोगों की एक टीम प्रदेश कार्यालय मे बने वॉर रूम की कमान संभाल रही है, तो वहीं 5 हज़ार लोगों की कोर टीम पूरे प्रदेश में काम कर रही है. विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी अपनी सोशल मीडिया टीम को और मजबूत कर रही है. बीजेपी की योजना सभी 65 हज़ार से ज्यादा बूथों में सोशल मीडिया टीम बनाने की है, ताकि घर-घर में इस्तेमाल हो रहे सोशल मीडिया पर मजबूत पैठ बनाई जा सके.

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