झारखंड में भी फर्जी कंपनियों ने बैंकों को लगाया करोड़ों का चूना, जांच शुरू

मुंबई में पीएनबी घोटाले के बाद ऐसे ही ढेरों घोटाले देश के अन्य राज्यों में भी उजागर हो रहे हैं. झारखंड में भी कई फर्जी कंपनियों ने बैंकों से लोन लिया और उसे वापस नहीं कर करोड़ों का चूना लगा दिया.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • रांची,
  • 20 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 7:07 PM IST

पीएनबी में हुए महाघोटाले के बाद देशभर के बैंकों के कामकाज पर गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है. दूसरी तरफ बैंक भी अब उन कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच तेज कर दी है, जिनके पास बैंकों का करोड़ों बकाया है.

वहीं, झारखंड में भी अब तक ऐसी करीब दो दर्जन कंपनियों का पता चला है जिन्होंने बैंकों को करोड़ों की चपत लगाई है. पीएमओ को भेजे ऐसे ही एक पत्र में एक विसलब्लोअर ने झारखंड में बैंकों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए करीब दो दर्जन कंपनियों की सूची भेजी है.

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पत्र मिलते ही हरकत में आई केंद्र सरकार

भारत सरकार के वित्त विभाग ने पत्र मिलते ही रांची सहित झारखंड के सभी बैंकों की जांच कर इसकी रिपोर्ट जल्द सौंपने के लिए बैंक और राज्य सरकार को पत्र लिखा है. पत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक लगभग दो दर्जन कागजी कंपनियों में से करीब 10 कंपनियों ने रांची के विभिन्न बैंकों से 80 करोड़ रुपये से अधिक का लोन ले रखा है, जिसे अभी तक नहीं लौटाया गया है.

झारखंड के बैंकों में भी बढ़ा NPA

झारखंड में भी देश के दूसरे राज्यों की तरह बैंकों का NPA साल दर साल बढ़ा है. वैसे ही झारखंड में लोगों ने बैंककर्मियों से सांठगांठ कर फर्जी कागजात पर लोन लेकर बैंकों को चुना लगाया है. इन कंपनियों ने लोन या तो चुकाया ही नहीं या फिर खुद को दिवालिया घोषित कर दिया. फिलहाल वित्त मंत्रालय के पत्र के बाद सभी बैंकों ने जांच तेज कर दी है.

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