अचानक श्रीनगर पहुंचे राम माधव, महबूबा मुफ्ती से मिलकर दिल्ली लौटे

बीजेपी महासचिव राम माधव बुधवार को अचानक दिल्ली से श्रीनगर पहुंचे. राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी उहापोह की स्थिति में राममाधव के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है.

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बीजेपी महासचिव राम माधव और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती बीजेपी महासचिव राम माधव और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती

संदीप कुमार सिंह

  • श्रीनगर,
  • 17 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

बीजेपी महासचिव राम माधव बुधवार को अचानक दिल्ली से श्रीनगर पहुंचे. राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी उहापोह की स्थिति में राममाधव के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. राम माधव ने पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की और शाम में विशेष विमान से दिल्ली लौट गए. दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात में माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर और शर्तों को लेकर बातचीत हुई. बीजेपी संसद सत्र से पहले जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के मामले का हल चाहती है.

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7 जनवरी से टल रहा है मामला
जनवरी में मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से -पीडीपी गठबंधन के बीच सरकार को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. इससे पहले इस माह की शुरुआत में भी सरकार गठन को लेकर बातचीत हुई थी लेकिन फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. तब कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर में सरकार पर सस्पेंस अभी कम से कम हफ्तेभर जारी रहेगा. कहा गया कि की अध्यक्षता वाली सरकार बनाने को लेकर अंतिम फैसला लेगी. तब तक मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद 40 दिन का शोक पूरा हो जाएगा. पीडीपी ने बीजेपी को यह सूचना दी थी.

फरवरी अंत तक बनेगी सरकार
पीडीपी की ओर से अंतिम फैसला लिए जाने के बाद भी राज्य को सरकार मिलने में कम से कम 10 दिन और लग जाएंगे. यदि बनती है तो फरवरी अंत तक ही जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बन पाएगी. हालांकि बीजेपी फिलहाल बहुत आश्वस्त नहीं है.

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अब BJP असमंजस में!
बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर अब तक पीडीपी असमंजस में थी. लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है. बीजेपी ने कहा है कि के बाद सरकार बनाने को लेकर कोई भरोसा नहीं दिया जा सकता. क्योंकि ये सभी मुद्दे में पहले ही रखे जा चुके हैं.

नए चुनाव की संभावना कितनी?
जम्मू-कश्मीर में की संभावना फिलहाल कम दिख रही है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक बीजेपी नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ शायद ही जाए. सरकार बनेगी तो बीजेपी और पीडीपी ही बनाएंगी. यदि इन दोनों में सहमति नहीं बनती है तो इसके बाद ही नए सिरे से चुनाव की घोषणा की जाएगी. राज्य में सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के 7 जनवरी को निधन के बाद से ही राष्ट्रपति शासन लागू है.

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