घर के स्टोर रूम में छिपा बैठा था तेंदुआ, पूरे गांव में फैली दहशत, रेस्क्यू टीम के भी छूटे पसीने

जम्मू-कश्मीर के कठुआ के दयाल चक गांव में एक तेंदुआ अचानक रिहायशी इलाके में पहुंच गया. इसके बाद वह एक घर में घुसकर स्टोर रूम में छिप गया. इस बारे में पता चला तो गांव में दहशत फैल गई. सूचना मिलने पर वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बाद तेंदुए को रेस्क्यू किया जा सका.

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तेंदुआ को मांडा चिड़ियाघर में भेजने की तैयारी. (Photo: Representational) तेंदुआ को मांडा चिड़ियाघर में भेजने की तैयारी. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • जम्मू,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:14 AM IST

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के एक गांव में उस समय दहशत फैल गई, जब एक तेंदुआ अचानक रिहायशी इलाके में घुस आया और घर के स्टोर रूम में जाकर फंस गया. घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया. सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.

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एजेंसी के अनुसार, घटना कठुआ जिले के दयाल चक गांव के पाका कोठा इलाके की है. तेंदुआ गांव में भटकते हुए एक ग्रामीण के शेडनुमा स्टोर रूम में घुस गया था. जैसे ही लोगों को इसकी भनक लगी, पूरे इलाके में डर फैल गया. ग्रामीणों ने तुरंत वन्यजीव विभाग को सूचना दी. रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि तेंदुआ स्टोर रूम के भीतर लकड़ियों और घरेलू सामान के बीच छिपा हुआ था.

अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ घायल था, वह गांव में घुस आया था. स्टोर रूम काफी छोटा और सामान से भरा हुआ था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी हुई. टीम ने छत के रास्ते कमरे में एंट्री की. तेंदुए की स्थिति का जायजा लिया तो देखा कि तेंदुआ लकड़ियों और अन्य सामान के नीचे छिपकर बैठा है. वह साफ नहीं नजर आ रहा था.

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रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्विलाइजर गन का इस्तेमाल किया, लेकिन दो डार्ट (बेहोश करने वाले इंजेक्शन) बेकार चले गए. इसके बाद टीम ने स्टोर रूम की टिन की छत से रेस्क्यू शुरू किया. काफी कोशिशों के बाद तेंदुए को बेहोश करने वाला इंजेक्शन लगाया जा सका.

बेहोश होने के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के बाद उसे इलाज और निगरानी के लिए मांडा चिड़ियाघर में भेजा जाएगा. पूरे ऑपरेशन के दौरान गांव में लोगों की भीड़ जमा रही. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ.

यह तेंदुआ गांव के नंबरदार द्रविंदर सिंह के स्टोर रूम में छिपा था. उन्होंने कहा कि गांव में अक्सर बच्चे और लोग मवेशी चराने के लिए बाहर जाते हैं. अगर तेंदुआ अचानक बाहर निकल आता तो बड़ा हादसा हो सकता था. पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही गांव में बढ़ गई है, जिससे लोग लगातार डरे हुए हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. जंगली जानवरों के खेतों और आबादी वाले इलाकों में आने से फसलों को नुकसान हो रहा है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है.

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