हरियाणा के पंचकूला स्थित ईडी अदालत ने एजेएल मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोती लाल वोहरा को आरोप मुक्त कर दिया है. बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने बताया कि ईडी अदालत ने दोनों नेताओं को इस मामले से पूरी तरह डिस्चार्ज किया है. पूर्व मुख्यमंत्री को इस मामले में पार्टी बनाया गया था और 25 फरवरी को हाई कोर्ट में लगी एप्लीकेशन के डिस्चार्ज होने के बाद पंचकूला ईडी अदालत में आवेदन किया गया था.
सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में हुड्डा को पहले ही आरोप मुक्त कर दिया था. सालों से लंबित पड़े इन दोनों मामलों में अब हुड्डा और वोहरा पर लगे सभी आरोप खत्म हो गए हैं.
यह कानूनी प्रक्रिया चंडीगढ़ और पंचकूला की अदालतों में लंबे वक्त से जारी थी.
दोनों मामलों में मिली राहत
बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोती लाल वोहरा को सीबीआई कोर्ट ने पहले ही राहत दे दी थी. अब ईडी की अदालत से भी डिस्चार्ज होने के बाद यह पूरा मामला खत्म हो गया है. वकील ने बताया कि एजेएल मामले को लेकर हुड्डा को मुख्य रूप से आरोपी बनाया गया था, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव और कानूनी दलीलों के बाद उन्हें राहत मिली है.
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इस मामले में कानूनी प्रक्रिया काफी लंबी चली. 25 फरवरी को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल एक एप्लीकेशन के डिस्चार्ज होने के बाद बचाव पक्ष ने पंचकूला स्थित ईडी की स्पेशल कोर् में अर्जी लगाई थी. ईडी कोर्ट ने तथ्यों को परखने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता मोती लाल वोहरा को इस केस से मुक्त करने का आदेश जारी किया.
अमन भारद्वाज