BJP कार्यालय के चपरासी को मिला टिकट, जीतकर बने पार्षद, बोले- जनता की सेवा भी करूंगा और दफ्तर में चाय-पानी भी पिलाऊंगा

BJP Office Servant Wins Election: गुजरात के मेहसाणा BJP दफ्तर में बरसों तक चाय पिलाने वाले रमेश भील अब भारी बहुमत से जीतकर पार्षद बन गए हैं. जीत के बाद भी सादगी ऐसी कि दफ्तर में सेवा जारी रखने का वादा किया.

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BJP कार्यालय में चाय पिलाने वाले रमेश भील बने पार्षद.(Photo:ITG) BJP कार्यालय में चाय पिलाने वाले रमेश भील बने पार्षद.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • मेहसाणा,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:28 PM IST

गुजरात के मेहसाणा से एक बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है. अक्सर राजनीति में बड़े चेहरों और रसूखदारों को ही तरजीह मिलती है, लेकिन मेहसाणा में BJP ने अपने ही कार्यालय में चाय-पानी पिलाने वाले एक साधारण सेवक पर भरोसा जताया. पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और अब वह सेवक भारी बहुमत से चुनाव जीतकर पार्षद बन गया है.

सच्ची लगन और वफादारी हो, तो एक छोटा सा कार्यकर्ता भी कैसे बड़ी मंजिल हासिल कर सकता है, इसकी मिसाल मेहसाणा में देखने को मिली है.

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मेहसाणा बीजेपी कार्यालय में वर्षों तक एक सेवक के रूप में काम करने वाले इस शख्स को पार्टी ने वार्ड नंबर-3 से चुनावी मैदान में उतारा था. जो हाथ कल तक कार्यालय में आने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को चाय-पानी पिलाते थे, आज उन्हीं हाथों में जनता ने अपने वॉर्ड के विकास की बागडोर सौंप दी है. पूरे पैनल ने एकतरफा और भारी बहुमत से जीत दर्ज की है.

जीत से गदगद रमेश भील ने कहा, "मैं पहले बीजेपी कार्यालय में एक सेवक के तरीके सेवा करता था. अभी मुझे वार्ड नंबर 3 से टिकट मिला और बहुमत से जीत गया हूं. पूरा पैनल अपना है. अब नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करेंगे... मैं पहले काम करता था, चाय-पानी पिलाता था, मैं छोटा आदमी था. सबको चाय-पानी कार्यालय में पिलाता था. अब मैं महानगरपालिका में पार्षद बना हूं... तो बस्ती की सेवा भी करूंगा और कार्यालय में काम भी करूंगा." देखें VIDEO:- 

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जीत के बाद इस नवनिर्वाचित पार्षद की सादगी देखते ही बनती है. उनका कहना है कि पद मिलने के बाद भी उनके पैर जमीन पर हैं. वे अब पीएम मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए अपने वॉर्ड की जनता की सेवा तो करेंगे ही, लेकिन साथ ही पार्टी कार्यालय में भी अपना पुराना काम और सेवाभाव जारी रखेंगे. एक आम सेवक से कॉर्पोरेटर बनने का यह सफर वाकई हर किसी के लिए प्रेरणादायक है.

(रिपोर्ट: मनीष मिस्त्री)

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