गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. ऊना तालुका के खापट प्राइमरी स्कूल में एक टीचर पर 7वीं कक्षा के छात्र को पैसे देकर गांव की दुकान से शराब मंगवाने का आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. साथ ही विभागीय जांच शुरू कर पुलिस कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत के बाद हुआ. आरोप है कि शिक्षक हरेशगिरी गुलाबगिरी गोस्वामी छात्र को पढ़ाने के बजाय उससे शराब मंगवाते थे. इतना ही नहीं, छात्र ने पूछताछ में यह भी बताया कि वह पहले भी कई बार शिक्षक के कहने पर शराब लेकर आ चुका है.
यह भी पढ़ें: गिर सोमनाथ जिले में खौफनाक वारदात, पैसों के झगड़े में छोटे भाई ने किया बड़े भाई का मर्डर, ये थी वजह
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DPEO) को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और पुलिस की मदद से आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
छात्र से पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला सच
खापट प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल मिलन गौस्वामी के मुताबिक, 20 जून को उन्हें सूचना मिली कि शिक्षक हरेशगिरी गुलाबगिरी गोस्वामी ने 7वीं कक्षा के एक छात्र को 500 रुपये देकर गांव की दुकान से शराब लाने के लिए भेजा था.
सूचना मिलने के बाद प्रिंसिपल ने छात्र को भरोसे में लेकर पूछताछ की. छात्र ने बताया कि वह पहले भी कई बार शिक्षक के लिए गांव की दुकान से शराब खरीदकर ला चुका है. शिक्षक उसे पैसे देते थे और वह शराब लेकर आता था.
प्रिंसिपल के अनुसार, छात्र के माता-पिता को इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा स्कूल में शिक्षक के लिए शराब लाने का काम कर रहा है. छात्र एक गरीब मछुआरे परिवार का बेटा है. आरोप है कि शिक्षक ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाया और उसे शिक्षा देने की बजाय शराब लाने के लिए इस्तेमाल किया. शिक्षक पर स्कूल परिसर में शराब पीने के भी आरोप लगे हैं.
पहले भी नशे में स्कूल आने की शिकायतें
प्रिंसिपल मिलन गौस्वामी ने बताया कि आरोपी शिक्षक को शराब पीने की लत है. उनके खिलाफ पहले भी कई बार नशे की हालत में स्कूल आने की शिकायत की जा चुकी है. इस संबंध में तालुका एजुकेशन ऑफिसर को कई बार लिखित शिकायत भेजी गई थी.
उन्होंने बताया कि 4 मार्च को भी लिखित शिकायत देकर कहा गया था कि शिक्षक हरेशगिरी नशे की हालत में स्कूल आते हैं. इसके बावजूद उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ और अब छात्र से शराब मंगवाने का मामला सामने आया है.
ऊना तालुका प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर हरेश वाढेर ने बताया कि स्कूल प्रिंसिपल ने बच्चे के कबूलनामे और CCTV फुटेज समेत कई अहम सबूत विभाग को सौंपे हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस में भी शिकायत भेजी गई है और पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
दो बार रुका इंक्रीमेंट, अब 13 जुलाई को होगी सुनवाई
शिक्षा विभाग के मुताबिक, आरोपी शिक्षक के खिलाफ पहले भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है. शराब पीने की शिकायतों के चलते उनका दो बार इंक्रीमेंट रोका गया था. बावजूद इसके उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं आया.
अब विभाग ने शिक्षक के खिलाफ औपचारिक विभागीय जांच बैठा दी है. इस मामले में 13 जुलाई को सुनवाई भी तय की गई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले पर गुजरात के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रदयुम्न वाजा ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों पर छात्रों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, अगर वही इस तरह का शर्मनाक काम करेंगे तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्य सरकार छात्रों के हितों और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगी. शिक्षा मंत्री ने गिर सोमनाथ के एसपी से बात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
अतुल तिवारी