पद्मावत पर करणी सेना का तांडव, स्कूल बस पर किया हमला, कई स्कूल बंद

फिल्म पद्मावत के विरोध में कुछ उपद्रवियों ने गुरुग्राम में एक स्कूली बस पर हमला बोल दिया था. इसके बाद गरुवार को गुरुग्राम में जी डी गोयनका, पाथवेस,  शिव नादर जैसे बड़े स्कूल बंद रहे. इस हमले के बाद गुरुवार को आजतक की टीम ने सोना रोड का जायजा लिया. यहीं पर गोयनका स्कूल की बस को निशाना बनाया गया था. यहां कई प्राइवेट स्कूल की बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आईं.

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जीडी गोयंका स्कूल बस पर करणी सेना ने किया हमला जीडी गोयंका स्कूल बस पर करणी सेना ने किया हमला

वंदना भारती / मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

फिल्म पद्मावत के विरोध में कुछ उपद्रवियों ने गुरुग्राम में एक स्कूली बस पर हमला बोल दिया था. इसके बाद गरुवार को गुरुग्राम में जी डी गोयनका, पाथवेस,  शिव नादर जैसे बड़े स्कूल बंद रहे. इस हमले के बाद गुरुवार को आजतक की टीम ने सोना रोड का जायजा लिया. यहीं पर गोयनका स्कूल की बस को निशाना बनाया गया था. यहां कई प्राइवेट स्कूल की बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आईं.

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हालांकि बुधवार को गुरुवार को गुरुग्राम में जी डी गोयनका, पाथवेस,  शिव नादर जैसे बड़े-बड़े स्कूल बंद रहे. लेकिन कुछ प्राइवेट स्कूलों की बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आईं. 

आजतक की टीम ने RBSM स्कूल के बच्चों से बातचीत की. एक छात्र का कहना है कि इस तरह से बसों पर हमला नहीं करना चाहिए. खासतौर से जो बच्चे स्कूल जा रहे हैं, उनकी बस पर इस तरह हमला करना गलत है.

वहीं एक दूसरे छात्रा ने कहा कि हमारे माता-पिता डर गए थे और सुबह-सुबह यह बात हो रही थी कि हम लोग स्कूल आए या ना आए. हम यह कहना चाहते हैं कि हम तो पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं और अगर उनको पिक्चर को लेकर आपत्ति है तो उनको कोर्ट जाना चाहिए.

जबकि एक अध्यापिका का कहना है जिस तरह से स्कूल बसों पर हमला हुआ है उससे बच्चों के मन में डर बैठ गया है. कई अभिभावक परेशान थे बच्चों की सुरक्षा को लेकर. हम लोग बस में 3 से 4 टीचर हैं और सारी एहतियात बरत रहे हैं.

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वहीं एक छात्रा ने बताया कि उसके भाई को बुधवार को घर वापस आने में काफी दिक्कत हुई. क्योंकि उस वक्त जी डी गोयनका स्कूल की बस पर हमला हो गया था और सोना रोड में काफी जगह सड़क जाम कर के खड़े हुए थे.

स्कूल बस के चालक राम ने यह कहा कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए अलर्ट है और अगर उनको कोई भी घटना या स्थिति असामान्य लगती है तो बच्चों की रक्षा करने के लिए तैयार हैं.

वहीं, हमने काबली स्कूल के बच्चों से भी बात की, जिनका कहना है कि वह किसी से नहीं डरते हैं और स्कूल में उन्होंने अहिंसा का पाठ पढ़ा है. इसीलिए वह अपील करना चाहते हैं कि गुंडे मारपीट ना करें.

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