दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की शर्मा कॉलोनी और मुबारकपुर से 'आजतक' ने जो रिपोर्ट दिखाई थीं, उसका बड़ा असर हुआ है. महीनों से गंदे पानी और सीवेज के बीच जीने को मजबूर हजारों लोगों की बेबसी पर आखिरकार दिल्ली सरकार ने संज्ञान लिया है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा इस रिपोर्ट का संज्ञान लिया है और जलभराव की इस गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने का वादा किया है. आजतक की रिपोर्ट में दिखाया गया था कि कैसे बिना बारिश के भी शर्मा कॉलोनी के सैकड़ों घर सीवेज के काले पानी में डूबे हुए हैं.
रिपोर्ट में दिखाया गया था कि भलस्वा के कूड़े के मलबे से जल निकासी रुकने के कारण लोग गमबूट पहनकर चलने और जहरीली बदबू में सांस लेने को मजबूर थे. स्थानीय लोगों ने बताया था कि पार्षद से लेकर विधायक तक चक्कर लगा चुके थे, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई थी.
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का कड़ा एक्शन
आजतक की खबर के बाद एक्शन मोड में आईं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "मुबारकपुर की शर्मा कॉलोनी की स्थिति किसी कूड़ाघर जैसी थी, लेकिन अब इसे साफ कर यहां छठ घाट बनाया जाएगा. यह मेरे और प्रवेश वर्मा का बचपन का क्षेत्र है, हम इसे गंदगी की नहर नहीं रहने देंगे." उन्होंने स्थानीय AAP विधायक पर निशाना साधते हुए पूछा कि 11 साल से यहां सीवर लाइन क्यों नहीं डाली गई.
यह भी पढ़ें: घरों में घुसा नाले का पानी, सड़ गया सामान... दिल्ली के किराड़ी में नरक से बदतर जिंदगी!
उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा ने गूगल अर्थ के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2014 तक यहां सूखा था, लेकिन केजरीवाल सरकार की लापरवाही से 2025 आते-आते यह इलाका जलमग्न हो गया. उन्होंने घोषणा की कि अब युद्धस्तर पर सीवर लाइन डालने का काम शुरू किया जा रहा है.
प्रवेश वर्मा ने कहा, 'अगले 1 साल में पानी भरने की कोई समस्या किराड़ी मे नहीं आएगी. दिल्ली सरकार के मंत्री होने के नाते ये वादा करता हूं. मैं चाहूंगा कि आम आदमी पार्टी के नेता और कांग्रेस के नेता अगर आपके इलाके में आए तो उसे सवाल पूछे कि क्यों पिछले 10 सालों में अपने यहां आपने सीवर की लाइन नहीं डाली'
स्थायी समाधान के लिए ₹471 करोड़ का मास्टर प्लान
दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, किराड़ी और आसपास के इलाकों को स्थायी राहत देने के लिए दो प्रमुख ट्रंक ड्रेन विकसित की जा रही हैं:
- किराड़ी-मुंडका हॉल्ट ड्रेन: 4.5 किमी लंबी इस ड्रेन पर ₹220.93 करोड़ खर्च होंगे.
- किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन: 7.2 किमी लंबी यह ड्रेन ₹250.21 करोड़ की लागत से बनेगी, जिसकी क्षमता 1,160 क्यूसेक होगी.
सुशांत मेहरा / आशुतोष मिश्रा