ऑटो हड़ताल: केजरीवाल सरकार ने लगाई अतिरिक्त 300 बसें, फिर भी परेशानी बरकरार

दिल्ली में ऑटो टैक्सी की हड़ताल से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऑटो हड़ताल में दिल्ली के करीब 80 हजार ऑटो सड़कों से नदारद हैं, तो वहीं परेशानी कम करने के लिए दिल्ली सरकार की कोशिश भी बेकार साबित हो रही है.

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सबा नाज़ / रोहित मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 11:10 PM IST

दिल्ली में ऑटो टैक्सी की हड़ताल से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऑटो हड़ताल में दिल्ली के करीब 80 हजार ऑटो सड़कों से नदारद हैं, तो वहीं परेशानी कम करने के लिए दिल्ली सरकार की कोशिश भी बेकार साबित हो रही है.

दरअसल ऑटो यूनियन एप बेस्ड टैक्सी को हटाने की मांग कर रहे हैं. इसी को लेकर ऑटो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इसका नुकसान दिल्ली वालों को भुगतना पड़ रहा है. इसी परेशानी को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की सड़कों पर 300 अतिरिक्त बसें चलाई हैं. जिसका फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

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केजरीवाल सराकार ने हड़ताल के चलते अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के बाहर अतिरक्त बस रूटों का इंतजाम किया था, ताकि लोगों को हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लकेर परेशानी न हो. फिलहाल हर दिन डीटीसी की 3700 बसें दिल्ली के सड़कों पर दौड़ती हैं. लेकिन लोगों की परेशानी खत्म नहीं हो रही है. वहीं ऑटो यूनियन ने भी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है.

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